बिक गई जमीन बची नहीं जमीर
रतनपुर में करोड़ों की कांग्रेस भवन की जमीन का मामला
सरकार होने के बाद भी संगठन की खामोशी बता रही जिला मुख्यालय तक बटा चूरन
रतनपुर. रतनपुर महामाया चौक स्थित करोड़ों की 15 डिसमिल आबादी जमीन की चौकीदारी कर रहे भू माफियाओं पर रतनपुर तहसीलदार और तहसील आफिस रतनपुर इतने मेहरबान है कि जिस दिन फैसले का नकल देने आवेदन करते हैं उसी दिन ही फैसले के नकल की सत्यापित कापी मिल जाती है. वही खाली पड़ी सरकारी आबादी जमीन को बचाने जुटे लोगों को नकल देने तय समय बीतने के बाद भी सत्यापित कापी देने में तहसील आफिस का अमला टालमटोल कर रहा है.

महामाया चौक रतनपुर स्थित करोड़ों की सरकारी खाली आबादी जमीन पर भू-माफिया गिद्ध अपनी नजरें गड़ाये हुए हैं. जमीन पर कब्जा जताने दीवार खड़ी करने नींव खोदने की शुरुआत हुई तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रतनपुर के अध्यक्ष जागे और जमीन पर कांग्रेस कमेटी रतनपुर का कब्जा जताते हुए तहसील रतनपुर में शिकायत की इस पर प्रकरण दर्ज कर तत्कालीन तहसीलदार रतनपुर ने निर्माण कार्य बंद करने स्थगन जारी कर राजस्व निरीक्षक और पटवारी से रिपोर्ट तलब की. जमीन के दावेदार रमेश शर्मा से भी दस्तावेज मांगे गए. इस मामले पर तहसीलदार ने 27 अप्रैल 2022 को आदेश पारित कर पूर्व में अपने द्वारा जारी स्थगन आदेश को निरस्त कर दिया गया. इसकी भनक कांग्रेस भवन के चौकीदार दावेदारों को नहीं लगी. वहीं तीन महीने बाद 30 जून को जमीन पर कब्जा करने दीवार उठाने काम शुरू हुआ तो तस्वीर बदल चुकी थी अब “बाड़ मेड़ को खाने पर जुटा था” चौकीदार लुटेरा बन चुका था. ….. क्रमशः

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करेंगे तहसीलदार के फैसले का खुलासा….
