80 से 120 रुपए किलो

बिलासपुर। स्थिर है मांग लेकिन तेज है भाव। धारणा आगे भी मजबूती की बनी हुई है क्योंकि पर्व और त्योहारों के साथ शादी- विवाह की तारीखें भी आ रहीं हैं।

सतही तौर पर भले ही शांत नजर आ रहा है चावल का बाजार, पर विष्णुभोग के करीब आ पहुंचा है बासमती चावल लेकिन स्वाद और स्वीकार्यता की वजह से मजबूत स्थिति में है विष्णुभोग। दूसरे स्थान पर श्री राम और 50 से 55 रुपए किलो जैसी कीमत के साथ एचएमटी तीसरे नंबर पर है।

आगे यहां भी

चावल के समानांतर में चल रहे खंडा बाजार में विष्णुभोग का ही खंडा सबसे आगे है। 40 से 45 रुपए किलो जैसी आसान क्रय शक्ति, मजबूत वजह बन चुकी है सबसे आगे रहने के लिए। जबकि 140 रुपए किलो जैसी उच्चतम कीमत की वजह से चावल को अपेक्षित प्रतिसाद नहीं मिल रहा है। आगे बढ़ने की संभावना उस बासमती चावल की है जो 80 से 120 रुपए किलो पर है।

यहाँ भी खंडा

बारीक चावल में श्रीराम और एच एम टी जानी-पहचानी प्रजातियां हैं लेकिन खरीदी को लेकर रुझान चावल की बजाय खंडा में ज्यादा है। श्रीराम चावल में प्रति किलो कीमत 60 रुपए होने की वजह से मांग का दबाव खंडा में बना हुआ है, जो 34 से 42 रुपए किलो बोला जा रहा है। कमोबेश ऐसा ही हाल एच एम टी में भी है। जिसका चावल 50 से 55 रुपए किलो, तो खंडा में कीमत 30 से 36 रुपए पर पहुंची हुई है। बढ़त की संभावना इनमें भी है।

निकल रही मांग

कम ही रहती है मांग सरना और सफरी चावल में लेकिन पहली बार अपेक्षित मांग की संभावना बनती नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र का उपभोक्ता खरीदी को लेकर रुझान दिखा रहा है। दूसरी वजह क्रय शक्ति के भीतर है प्रति किलो कीमत। सरना चावल में कीमत इस समय 30 रुपए किलो और सफरी चावल में भाव 32 रुपए किलो बोला जा रहा है।