कीमत तीन सौ रुपए बढ़कर पहुंचा 1200
बिलासपुर। था 900 रुपए किलो। है 1200 रुपए किलो। 300 रुपए का यह हाई जंप लगाने के बाद अब 1500 रुपए किलो पर जाने का स्पष्ट संकेत दे रहा है तांबा।
सोना और चांदी के बाद बहुमूल्य धातु की श्रेणी में शुमार होने लगा है तांबा क्योंकि इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों की जोरदार खरीदी निकली हुई है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक गुड्स निर्माण करने वाली इकाइयां और बर्तन कारखाने भी मांग बढ़ा रहे हैं। तेजी की धारणा को बल इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि निवेशकों का ध्यान भी तांबा की ओर जा रहा है।

पहली बार रिकॉर्ड छलांग
50 से 100 रुपए की तेजी तांबा में आती रही है लेकिन पहली बार इसने किलो पीछे 300 रुपए की जो छलांग लगाई है, उससे हैरत में सबसे ज्यादा बर्तन बाजार है। चिंता इलेक्ट्रिक गुड्स बिजनेस में देखी जा रही है क्योंकि फिलहाल ऑफ सीजन का दौर चल रहा है। रिकॉर्ड 1200 रुपए किलो जैसी उच्च कीमत निश्चित ही पंखे, कूलर, एसी और रेफ्रिजरेटर की कीमत पर असर दिखाएगी तो पंप के भी दाम बढ़ेंगे।

जोर का झटका इसे
पहले केवल पूजा स्थल पर ही नजर आते थे तांबे के बर्तन। अब यह डाइनिंग टेबल में भी दिखने लगे हैं डिनर सेट के रूप में। खरीदी के बढ़ते क्रम को तेजी ने जोर का झटका दिया है। 20 से 25 फ़ीसदी डिमांड घटने के बाद फिर से उठने की तैयारी यह क्षेत्र इसलिए कर रहा है क्योंकि तेजी की धारणा को देखते हुए बर्तन कारखाने और संस्थानें खरीदी की मात्रा बढ़ा रहीं हैं।

सबसे आगे यह
इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्टफोन। दोनों के निर्माण में मुख्य सामग्री तांबा होती है। दोनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए इनकी खरीदी लगातार बढ़ रही है तांबा में। इससे प्रतिस्पर्धी खरीदी का माहौल बना हुआ है। यह तेजी अब निवेशकों को भी अपनी और आकर्षित कर रही है। यह नया बदलाव तांबा में प्रति किलो भाव 1500 रुपए तक जाने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
