बिलासपुर। सीजन खत्म। 50 फीसदी टूट के बाद ओल्ड जूट बैग सिर्फ 8 से 9 रुपए प्रति नग। खरीदी में मात्रा बढ़ाई तो 1 से 2 रुपए की छूट की संभावना। प्लास्टिक की बोरियां तो किलो हिसाब में मिल जा रहीं हैं।
बेहद खराब गया इस बार पुराने बारदाने का बाजार। अच्छा उत्पादन, बेहतर खरीदी की धारणा के बीच इस बार ओल्ड जूट बैग मार्केट ने रिकॉर्ड भंडारण किया था पुराने बारदाने का लेकिन मांग सिर्फ 25 से 30 फ़ीसदी ही निकल पाई। अब पूंजी की वापसी चिंता की वजह बन रही है। इसलिए टूट रही है कीमत लेकिन इसमें भी सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है।

आधे में ओल्ड जूट बैग
समर्थन मूल्य पर खरीदी के शुरुआती दिनों में ओल्ड जूट बैग 25 रुपए प्रति नग की दर पर बिका। तेजी से घटती मांग के बाद कीमत में 3 से 4 रुपए की कमी की गई, फिर भी उठाव नहीं आया। अब तारीख खत्म हो चुकी है। इसलिए 50% की टूट के बाद प्रति नग भाव 8 से 9 रुपए पर आ गया है। इसके बावजूद खरीदी शून्य पर आ चुकी है। अब अंतिम प्रयास 1 से 2 रुपए और कम किए जाने का विचार कर रहा है बारदाना बाजार।

खरीददारों पर छोड़ा
कोई भाव नहीं है प्लास्टिक की बोरियों का क्योंकि डिमांड नहीं है। कोशिश की थी किलो हिसाब से बेचने की फिर भी मांग नहीं निकली। इसलिए शक्कर, सूजी, आटा, मैदा और उर्वरक की खाली बोरियों की कीमत अब उपभोक्ताओं पर छोड़ दी गई है। इसके बावजूद खरीदी को लेकर उत्साहजनक संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसलिए अब पशु आहार विक्रेताओं से संपर्क साधा जा रहा है।

ऐसे हैं भाव
सिंगल यूज़ जूट बैग 5 रुपए की टूट के बाद अब 20 रुपए प्रति नग पर आ गया है, तो दो बार उपयोग किया जा चुका बारदाना 21 से 22 रुपए की जगह 8 से 9 रुपए पर आ गया है। रफू बारदाना की कीमत 6 रुपए की टूट के बाद 11 रुपए बोला जा रहा है। पैबंद लगा बारदाना अब आठ रूपए में मिल रहा है। सीजन के दिनों में इसकी कीमत 14 से 15 रुपए प्रति नग थी।
