अनुकूल मौसम, रिकार्ड उत्पादन के संकेत
बिलासपुर। 12 से 15 डिग्री सेल्सियस तापमान। शुष्क वातावरण और लगातार ठंडे दिन ज्यादा लंबे रहे। प्रकृति का यह साथ, आम के वृक्षों में एक समान, घना और स्वस्थ पुष्पन के रूप में देखा जा रहा है। मार्च और अप्रैल में भी यही स्थितियां बनीं रहीं, तो प्रदेश में इस बार आम का उत्पादन रिकॉर्ड बना सकता है।
ना बारिश, ना तापमान में उछाल। अनावश्यक हरित वृद्धि भी नहीं। इसलिए प्राकृतिक ऊर्जा का अधिकतम उपयोग पुष्पन में ही रहा। इसलिए आम के वृक्षों में इस बरस पुष्पन, विशाल और एक समान देखा जा रहा है। सक्रियता बढ़ा रहे हैं परागण कीट क्योंकि तापमान और मौसम पूरी तरह उनके लिए अनुकूल है।

शुरुआती चरण आशादायक
आम के वृक्षों के लिए 12 से 15 डिग्री सेल्सियस को आदर्श तापमान माना जाता है। यह तापमान न केवल बना रहा बल्कि ठंड के दिन अपेक्षाकृत ज्यादा लंबे भी रहे। अनिवार्य है शुष्क तापमान। इसने भी पूरा सहयोग दिया। इसी तरह ना बारिश हुई, ना तापमान में अनावश्यक उछाल देखने में आया। बेहतर और आशा जगाने वाला रहा मौसम का यह रूप।

घना पुष्पन, सक्रिय परागण कीट
एक समान घना पुष्पन आकर्षित कर रहा है, मधुमक्खियां और तितलियों जैसे परागण कीटों को अपनी ओर। फलस्वरुप अधिक परागण जैसी स्थितियां देखी जा रही हैं आम के वृक्षों में। स्थिर मौसम का संकेत दे रही हैं परागण कीटों की यह सक्रियता। यह स्थिति आशादायक आम उत्पादन की संभावना को प्रबल बना रही हैं।

अब जरूरत सतर्क बाग प्रबंधन की
शुरुआती चरण तो ठीक रहे लेकिन मार्च अप्रैल में शुरू होने वाले दूसरे चरण में आम उत्पादक किसानों को अधिक सतर्क रहना होगा क्योंकि यह महीने आंधी- तूफान और अचानक बारिश जैसी स्थितियां लाते हैं। फलत: थ्रीप्स, हॉपर, मिनीबग और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे कीट तैयार होते फलों पर हमला कर सकते हैं। इसलिए यह दोनों महीने सतर्क बाग प्रबंधन की जरूरत लेकर आएंगे क्योंकि पुष्पन घना और एक समान है।

अच्छे उत्पादन के संकेत
12–15 डिग्री सेल्सियस का शुष्क और स्थिर तापमान आम के लिए अनुकूल रहा, जिससे एक समान व घना पुष्पन हुआ है। परागण कीटों की सक्रियता अच्छे उत्पादन के संकेत देती है। यदि मार्च–अप्रैल में सतर्क बाग प्रबंधन किया गया, तो इस वर्ष आम का उत्पादन रिकॉर्ड हो सकता है।
अजीत विलियम्स, साइंटिस्ट (फॉरेस्ट्री), बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर
