पैकिंग में उत्पादन तारीख और बैच नंबर का उल्लेख नहीं
भाटापारा। बगैर लायसेंस के चल रहा था फूटा चना का कारखाना। सूक्ष्म जांच में मिली गंभीर खामियों को देखकर जांच टीम ने फूटा चना के सैंपल लिए हैं। दूसरी ईकाई खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियमों के पालन को लेकर गंभीर नहीं मिली। इसलिए फौरन सुधार की नोटिस दी गई है।
खाद्य प्रसंस्करण ईकाइयां जिस तरह सुरक्षा मानक का उल्लंघन कर रहीं हैं, उसे देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सक्रियता बढ़ती जा रही है। यह इसी बात से जानी जा सकती है कि सप्ताह भर के भीतर प्रशासन ने यह तीसरी सख्त कार्रवाई की है।
बगैर लायसेंस संचालन
एस बी जी पल्सेस सूरजपुरा। पुलिस बल के साथ पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच टीम को पूछताछ में नहीं मिला जरूरी लायसेंस। जांच का दायरा बढ़ाए जाने पर फूटे चने की पैकिंग में उत्पादन की तारीख और बैच नंबर का उल्लेख नहीं होना पाया गया। इसलिए संदेह के आधार पर फूटा चना का सैंपल लिया जाकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।
ओमकार को नोटिस
ग्राम खोखली में संचालित ओमकार दाल इंडस्ट्रीज। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पालन को लेकर जैसी लापरवाही इस ईकाई ने दिखाई हुई है उसे देखकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने फौरन सुधारात्मक नोटिस दिया है। इकाई संचालक को तय अवधि में सुधार के वह सभी उपाय करने होंगे जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है।
संकेत लगातार जांच के
11 और 15 दिसंबर के बाद 17 दिसंबर को हुई तीसरी जांच के बाद मिल रही खामियों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन से लगातार जांच के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विक्रय का हर चरण फौरी जांच में दोषपूर्ण मिल रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि प्रयास में कितना सफल होता है खाद्य एवं औषधि प्रशासन ?
