आदेश से आवक घटी, चिंतित हुए मिलर्स
भाटापारा। प्रांगण में धान बेचने के पूर्व दिखानी होगी ऋण पुस्तिका। इस अनिवार्यता के बाद सख्ती का पहला दिन न केवल मंडी प्रशासन को हतप्रभ कर गया बल्कि मिलर्स को भी चिंता में डाल दिया है।
आधार कार्ड तक तो सब कुछ ठीक था लेकिन ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता से अब किसान बेतरह परेशान होने लगे हैं। बेहद सीमित विकल्पों के बीच आसान था कृषि उपज नहीं बेचने का फैसला। इस फैसले के बाद 17 दिसंबर दिन बुधवार को आवक ने गोता लगाया और सिमट गई 3000 से 5000 कट्टा पर।

आवक पर अनिवार्यता का ब्रेक
हल्की नाराजगी देखी जा रही है ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता को लेकर। लेकिन सुनवाई कहीं नहीं होती देखकर आवक रोकने जैसे फैसले के बाद प्रांगण में महज 3000 से 5000 कट्टा धान की आवक की खबर है। गुरुवार से इस आवक में और टूट की आशंका व्यक्त की जा रही है क्योंकि सूचना आवक वाले क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है।
प्रत्यक्ष नुकसान इनको
ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता का यह आदेश मंडी प्रशासन के राजस्व पर व्यापक असर डालेगा। प्रांगण पहुंचने वाली कृषि उपज के दम पर रोजी-रोटी की व्यवस्था करने वाले श्रमिकों की नियमित आय घटेगी। परिवहन में लगी गाड़ियों के पहिए भी थमेंगे। इसलिए जिला प्रशासन से पुनर्विचार की प्रतीक्षा में हैं किसान।

आशंका, और घटेगी आवक
बेमेतरा, मुंगेली, कोरबा, बिलासपुर के साथ रायपुर जिले के सीमांत ग्रामीण क्षेत्र से किसान आते रहे हैं, कृषि उपज के विक्रय के लिए। इनकी संख्या तेजी से घटने की आशंका है क्योंकि नई व्यवस्था स्वीकार नहीं कर रहे हैं किसान। ऐसे में आने वाले दिन कैसे रहेंगे मंडी प्रशासन के लिए ? किस स्वरूप में नजर आएगा प्रांगण ? देखने वाली स्थितियां होंगीं।

आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता का आदेश जिला प्रशासन से मिला है। प्रतिदिन की आवक और अन्य जरूरी जानकारियां मुख्यालय भेजी जा रहीं हैं।
-सी एल ध्रुव, सचिव, कृषि उपज मंडी, भाटापारा
