अस्वच्छ माहौल में पनीर का निर्माण, भंडारण और विक्रय

भाटापारा। अस्वास्थ्यकर दशा में किया था पनीर, दही और दूग्ध उत्पादन का भंडारण। अस्वच्छ माहौल में बनाया जा रहा था पनीर। लिया सैंपल, दिया नोटिस।

एक सप्ताह के भीतर शहर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की दूसरी दबिश थी। इस बार डेयरी संस्थानें निशाने पर आईं, जहां सख्त लहजे में सूक्ष्मता के साथ निर्माण, भंडारण और विक्रय काउंटर की जांच की गई।

सकते में साक्षी और राधे

आमतौर पर सघन जांच से दूर रहतीं आईं हैं, पटपर और मुंशी स्माइल वार्ड की व्यापारिक संस्थानें लेकिन पहली बार निशाने पर आईं इन्हीं वार्डों में संचालित साक्षी और राधे डेयरी। सूक्ष्म जांच में साक्षी डेयरी में पनीर, दही सहित अन्य दूध उत्पादन का भंडारण और अस्वास्थ्यकर दशा में किया जाना पाया गया। राधे डेयरी में पनीर का निर्माण अस्वच्छ माहौल में किया जा रहा था। इसके अलावा सुरक्षा के उपायों की भी अनदेखी की जा रही थी।

लिया सैंपल, दिया नोटिस

जांच टीम ने दोनों संस्थानों को तय समय में व्यवस्था में खामियां दूर करने की नोटिस दी है। साथ ही खुला पनीर का सैंपल लिया है। इसे राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जहां से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बताते चलें कि दूध और दूग्ध उत्पादन की जांच प्रदेश स्तर पर चल रही है। 15 दिसंबर को राजधानी में रिकॉर्ड आधा दर्जन संस्थानों में जांच और जरूरी कार्रवाई की गई है।

एक सप्ताह में दूसरी बार

खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने शहर में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी दबिश दी है। इसके पूर्व 11 दिसंबर को फूटा चना बनाने वाली दो इकाइयों की जांच की जा चुकी है। यहां से प्रशासन ने नॉन परमिटेड सिंथेटिक फूड कलर के उपयोग के संदेह में सैंपल लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।

दही व पनीर के निर्माण और भंडारण में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसलिए दोनों संस्थानों को नोटिस और पनीर का सैंपल लिया गया है। परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • अक्षय सोनी, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, बलौदा बाजार