बैरिस्टर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय में विविध आयोजन

बिलासपुर । देश में हरित क्रांति लाकर हम सबको भोजन देने में सफल हुए हैं, श्वेत क्रांति के द्वारा दुग्ध उत्पादन में आगे आए हैं, वहीं नील क्रांति के जरिए मत्स्य उत्पादन में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं l हमारी सोच और कार्य हर क्षेत्र में सकारात्मक हो ऐसी सोच और जज्बा जनचेतना जागृत कर हमें देश के नागरिकों में लाना होगा l यह बात अधिष्ठाता डॉ. आर.के. एस. तिवारी ने कहीं.

स्वतंत्रता दिवस पर बैरिस्टर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र,
बिलासपुर में ध्वजारोहण अधिष्ठाता डॉ. आर.के. एस. तिवारी ने किया। अधिष्ठाता डॉ. तिवारी ने कहा जो आजादी हमें मिली है, इसमें सभी धर्मो, समूह, वर्गों ने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कुर्बानी दी है। कुछ देशभक्त ऐसे भी हुए है जिन्होंने अपना सर्वस्व निछावर कर दिया। आज हम स्वतंत्रता के महत्व को समझें। आज हम हर क्षेत्र चाहे वह शिक्षा हो, खाद्यान्न उत्पादन का या नवीन तकनीकी का हो सब में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। आज का दिन संकल्प का दिन है, जिसके लिए सभी को संकल्पित होकर देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करना होगा। 

इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति से ओतप्रोत प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किया दिया। सुरभी सिंह व शताब्दी चंद्राकर ने ‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी’,  आकृति ने ‘नर हो न निराश करो मन’, आकांक्षा गुप्ता ने ‘दिल दिया है जान भी देंगे’, कु. अमृता एवं साथियों ने ‘मेरे वतन प्यारे वतन’, वैदेही देवांगन, मनीषा एवं पल्लवी ने ‘दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए, गीत पर नृत्य की प्रस्तुति कर देशभक्ति पूर्ण माहौल बना दिया।

तृप्ति देवांगन, शुभांगी शर्मा व वैदेही देवांगन ने विचार व्यक्त किए। एन.सी.सी. में ‘बी’ एवं ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। चोरभट्टी स्थित राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला में भी ध्वजारोहण किया गया। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक अजीत विलियम्स ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में एस.के. वर्मा, अर्चना केरकट्टा, युष्मा साव, लेफ्टिनेंट रोशन परिहार का सहयोग रहा। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर के प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।