सरकारी आबादी जमीन का बाजार मूल्य है करोड़ों में
काबिज जमीन कांग्रेस भवन के लिए रहेगी कांग्रेसियों के पास …!
रतनपुर । क्या है पच्चीस लाख रुपए के बंदरबाट का सच…! किसकी होगी सरकारी आबादी जमीन…. बन पाएगा काबिज जमीन पर कांग्रेस भवन … करोड़ों की जमीन बिकेगी या फिर बिक जाएगी कांग्रेसियों की जमीर…!
महामाया चौक स्थित रेड क्रॉस सोसायटी से लगी आबादी जमीन जिस पर बीते कई सालों से नगर कांग्रेस कमेटी काबिज है। इस जमीन को कांग्रेस कमेटी को आबंटित करने कई बार तहसीलदार सहित जिला प्रशासन के समक्ष ज्ञापन भी दिया गया है। इस पर मस्तूरी निवासी कांग्रेस के ही कथित नेता अपने परिजन की जमीन बता कब्जा करने दीवार खड़ी करा रहा है। इसका विरोध कांग्रेस कार्यकर्ता कर रहे हैं। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी आबादी जमीन जिस पर कांग्रेस भवन के लिए कांग्रेसी काबिज है पर कब्जा रोकने में नाकाम है. इस पर प्रशासन का सहयोग भी नहीं मिल पा रहा है।

कथित कांग्रेसी ने कांग्रेस भवन की जमीन पर कब्जा करने के लिए छुट्टी का दिन शनिवार चुना है। इधर दीवार उठाने की सूचना पर कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे हैं. हालत तनाव पूर्ण हैं। वहीं कांग्रेस एक खेमा मौके से पूरी तरह नदारद है। चर्चा तो पच्चीस लाख रुपये की लेनदेन का भी है जिसके बाद बिना विवाद के जमीन के एक हिस्से में कब्जा जताने दीवार खड़ी कर दी गई है। इस दीवार को खड़ी करने पर किसी ने विवाद नहीं किया। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं. वही पच्चीस लाख रुपए का बंदरबांट किस किस में हुआ इस यक्ष प्रश्न के जवाब कांग्रेस के दूसरे खेमे के नेता और कार्यकर्ता तलाश रहे हैं. अब देखना होगा कांग्रेस भवन की जमीन बचती है या फिर जमीर बिकता है...

क्या है मामला
कथित कांग्रेस नेता जिस परिजन के नाम पर सरकारी आबादी जमीन पर कब्जा कर रहा है। उसकी जमीन पर पेंड्रा रोड पर एक झोपड़ी बनी हुई है। उसने अपने आजू-बाजू की जमीन एक किराना व्यवसायी और नौकरीपेशा लोगों को काफी पहले बेच चुका है। इसमें दोनों मकानों की पीछे की चौहद्दी से साफ अनुमान लगाया जा सकता है। इस हद तक उसके काबिज होने पर किसी को भी आपत्ति नहीं है। पर कथित कांग्रेस नेता खाली पड़ी करोड़ों की सरकारी आबादी जमीन जिस पर कांग्रेसी कांग्रेस भवन के लिए काबिज है अपना दावा जता रहे हैं।
