नियमित उपस्थिति पर जोर
भाटापारा। 45 दिन के ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों के पट 16 जून से खुलने जा रहे हैं। नियमित उपस्थिति जैसे लक्ष्य को लेकर चल रहे स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए विशेष निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शैक्षणिक गतिविधियों में और भी गंभीरता लाने के आदेश हैं ताकि कोरोना काल में हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद खुल रहीं स्कूलों में पहला सप्ताह शाला प्रवेश उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। तिलक लगाकर छात्रों को मिठाइयां दी जाएंगी। इसके लिए विभाग मुख्यालय ने विशेष आदेश दिए हैं। इसके अलावा स्कूल परिसर और बाहर की गतिविधियों के लिए अलग से दिशा-निर्देश भी स्कूलों तक पहुंच चुके हैं। साफ-सफाई और रंग- रोगन का काम तो लगभग पूरा हो चला है लेकिन बड़ी समस्या पीने के पानी को लेकर आ सकती है क्योंकि भीषण गर्मी की वजह से भूजल स्तर नीचे जा पहुंचा है। खंड शिक्षा विभाग ने इसके लिए विशेष इंतजाम करने के संकेत दिए हैं।
पहला सप्ताह प्रवेश उत्सव
ग्रीष्मावकाश के बाद खुल रहीं स्कूलों का पहला सप्ताह प्रवेश उत्सव के बीच गुजरेगा। नई भर्ती के साथ शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत में आने वाले छात्र-छात्राओं का स्वागत तिलक लगाकर किया जाएगा। मिठाईयां भी दी जाएंगी। दूसरे सप्ताह में शैक्षणिक कामकाज गति पकड़ेगा।
नियमित उपस्थिति पहला लक्ष्य
शिक्षा विभाग मुख्यालय ने स्कूलों को आदेश जारी किया है कि नव प्रवेशी बच्चों के साथ आगे की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नियमित उपस्थिति के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्यालय ने इसे, इसलिए लक्ष्य बनाया है क्योंकि महामारी के दौरान ऑनलाइन क्लास की वजह से पठन-पाठन का स्तर कमजोर हुआ है। इस नुकसान की भरपाई नियमित उपस्थिति से ही की जा सकती है।
खंड क्षेत्र में स्कूलें
शैक्षणिक विकास खंड में इस समय 135 प्राथमिक स्कूल, 17 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, 21 हाईस्कूल और 12 हायर सेकेंडरी स्कूल में संचालित हो रहीं हैं। इन सभी स्कूलों में 45 दिन के अवकाश के बाद हलचल फिर से चालू हो जाएंगी। इसके अलावा इसी सत्र से खंड क्षेत्र में 41 बाल-वाड़ी केंद्र भी अस्तित्व में आने वाली हैं। जहां नर्सरी क्लास जैसी शिक्षा दी जाएंगी।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद खुलने जा रहीं स्कूलों में इस बार नियमित उपस्थिति पर जोर होगा। तैयारियां पूरी हो चुकीं हैं।
के के यदु, खंड शिक्षा अधिकारी, भाटापारा


