अंगना म शिक्षा पर खंड स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला

भाटापारा। कोरोना काल मे बच्चों के पठन पाठन मे हुई लर्निंग लाॅस को कम करने एवं कक्षा अनुसार आवश्यक दक्षता अर्जित करने स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा एवं समग्र शिक्षा जिला परियोजना कार्यालय बलौदाबाजार-भाटापारा के निर्देशानुसार विविध नवाचारी शिक्षा माॅडलों का संचालन किया जा रहा है। शैक्षिक नवाचारी माॅडलों का प्रमुख उददेश्य बच्चों मे गुणात्मक विकास करना व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी को मिले।

नवाचारी शिक्षा के अनुक्रम मे अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत महिला शिक्षिकाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उददेश्य नौनिहालों के समग्र विकास मे माता की भूमिका को सुनिश्चितत करना और उन्हे जागृत करना है।

अंगना म शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड स्त्रोत कार्यालय के निकट शासकीय प्राथमिक शाला लाल बहादूर शास्त्री स्कूल में एक दिवसीय विकासखंण्ड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ जिला मिशन समन्वयक आर सोमेश्वर राव, एपीसी जहीर अब्बास, बीईओ के के यदू व बीआरसीसी लेखराम साहू के द्वारा किया गया। अधिकारियों ने अंगना म शिक्षा कार्यक्रम की सार्थकता एवं माताओं के शिक्षा व विद्यालय के सर्वागीण विकास मे सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण बातों को सारगर्भित एवं सरल तरीके से समझाया। प्रशिक्षण में जिला मिशन समन्वयक ने माताओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुये बताया कि कैसे मां घर मे रहकर अपने घरेलू सामग्री एवं स्थानीय परिवेश मे उपलब्ध संसाधनों मे छिपी हुई ज्ञान-विज्ञान की बातों को सरलता व सहजता से बच्चों को बता सकती हैं। उन्होने बताया कि मां अपने घरेलू दिनचर्या के साथ साथ छोटी-छोटी गतिविधियों से बच्चों को ज्ञानार्जन करा सकती है। आगे आने वाले दैनिक जीवन मे उपयोग किये जाने वाले घरेलू सामग्रियों के माध्यम से गणित का ज्ञान, अंकों की पहचान जोड़- घटाव जैसे गुणा- भाग गणितीय संक्रियाओं को आसानी से बच्चों को सिखाया जा सकता है। माताओं को सिखाने की प्रक्रिया मे पारंगत कर, बच्चों को शिक्षा के नये-नये आयामों से परिचित कराया जा सकता है।

बीआरसीसी लेखराम साहू ने कहा बच्चों के समग्र विकास मे माता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, साथ ही मां बच्चों की प्रथम गुरू होती है और परिवार प्रथम पाठशाला। इसलिये मां बच्चों में शिक्षा का बीजारोपण आसानी से कर सकतीं हैं। साथ ही सभी महिला शिक्षिकाओं से आग्रह किया कि वे अपने विद्यालय में माताओं को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दें ताकि वे समय के साथ कदम ताल करते हुये शिक्षा के विकास में अपनी अहम भूमिका सुनिश्चित कर सकें।

प्रशिक्षण में 30 संकुल केन्द्र से 30 शिक्षिकाओं व आस-पास की शालाओं से माताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में स्मार्ट माता का चयन किया गया. अंगना म शिक्षा कार्यक्रम मे बेहतर कार्य करने वाले शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र व मेडल से सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से भास्कर चंद देवांगन, एएटी अभिलाषा शर्मा, किरण डिसूजा, यशवंत सिंह राजपूत, संतोष कुमार साहू, महेश वर्मा, अशोक, उमेश, मनीष कुमार, लालाराम, गोपेश कुमार, चंचल प्रकाश, सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।