सप्ताह के अंत तक सुधार की उम्मीद

बलौदाबाजार। सोसायटियों के बाद अब खुले बाजार में भी यूरिया की आपूर्ति होने लगी है लेकिन मांगी जा रही मात्रा में कटौती से संकट बना हुआ है। इधर विभाग ने इस संकट का अंत, चालू सप्ताह के अंतिम दिनों तक होने की उम्मीद जताई है।

रबी सत्र में यूरिया सहित अन्य जरूरी उर्वरक के लिए जिस तरह संकट फैल रहा है, उसे देखते हुए विभाग ने बेपटरी हो चुकी व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश तो चालू कर दी है लेकिन वितरण की त्रुटिपूर्ण नीति बेहद भारी पड़ रही है।इस बीच सोसायटियों से वितरण चालू किया जा चुका है लेकिन खुले बाजार में संकट अब भी बना हुआ है।

समितियों में चालू

रबी सत्र के लिए यूरिया का वितरण किया जाने का काम चालू तो हो चुका है लेकिन केवल कृषक सदस्यों के लिए चालू की गई यह व्यवस्था किसानों को राहत नहीं पहुंचा सकी है। उठाव होने के बाद भंडारण की मात्रा में कमी आती देखकर समितियां डिमांड नोटिस मुख्यालय भेजने लगीं हैं।

यहां संकट अभी भी

खुले बाजार से यूरिया की आपूर्ति किसानों के लिए हमेशा से बड़ा साधन रही है लेकिन मार्कफेड के लिए 80 प्रतिशत और खुले बाजार के लिए महज 20 प्रतिशत यूरिया की असमान वितरण नीति किसानों की परेशानी बढ़ा रही है।मांग के अनुरूप उपलब्धता के नही होने से संकट निरंतर फैलाव ले रहा है।जिस पर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है।

यहां बढ़ा रहे भंडारण

यूरिया का संकट जैसा बना हुआ है, उसके बाद कृषि विभाग ने समितियों में उर्वरक की सभी किस्मों की उपलब्धता के लिए मुख्यालय को डिमांडनोट भेजा है।इसमें ताजा स्थिति की जानकारी भेजते हुए उचित दिशा-निर्देश मांगा है।

चालू सप्ताह के अंत तक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है क्योंकि भंडारण की मात्रा बढ़ाई जा रही है ताकि रबी फसल की जरूरतें पूरी हो सके।

  • एस आर पैकरा, उपसंचालक (कृषि),बलौदाबाजार