आठ और टीचर ऐसे, जो नहीं जा रहे स्कूल
वेतन आहरण पर रोक, कड़ी कार्रवाई की तैयारी
भाटापारा। लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे टीचरों की खोज- खबर लेने की चल रही कवायद में 8 ऐसे टीचर के नाम सामने आए हैं, जो लगातार अनुपस्थित हैं। इन सभी गैरहाजिर टीचरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी के कड़े आदेश के बाद ऐसे शिक्षकों की खोज- खबर ली जाने लगी है, जो बिना वाजिब कारण के अनुपस्थित चल रहे हैं। प्रारंभिक जांच में जो नाम सामने आए हैं, उनमें सभी टीचर ग्रामीण क्षेत्र की स्कूलों में पदस्थ हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम कविता अग्रवाल का है, जो 27 जुलाई 2013 से अनुपस्थित है। 9 बरस से गैरहाजिर इस टीचर ने अनुपस्थिति को लेकर अब तक कोई जानकारी नहीं दी है। शेष सात की भी स्थिति ऐसी ही है।
अनुपस्थिति का कीर्तिमान
बिना कारण बताए अनुपस्थित टीचरों में कविता अग्रवाल 9 बरस से गैरहाजिर रहने का कीर्तिमान बनाकर इस सूची में शीर्ष पर हैं। दूसरे नंबर पर तरेंगा के टीचर सुरेंद्र सिंह हैं। इन्हें 2014 से अनुपस्थित बताया जा रहा है। जुलाई 2017 से गैरहाजिर अंजोर सिंह दीवान तीसरे क्रम पर हैं। चौथे नंबर पर रामाधार ध्रुव हैं जो 7 फरवरी 2020 से अनुपस्थित हैं। पांचवे और छठवे नंबर पर क्रमशः ममता द्विवेदी और मेगदोलिन एंथोनी हैं। ओमप्रकाश घृतलहरे और रामकुमार यादव, इस सूची में सातवें और आठवें नंबर पर हैं। 2 फरवरी 2022 को जिला शिक्षा अधिकारी को भेजी गई इस जानकारी के बाद अब विस्तृत दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा की जा रही है।
वेतन आहरण पर रोक
स्कूलों से मिली जानकारी के बाद की गई प्रारंभिक जांच में यह सभी गैर हाजिर मिले। स्कूल प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार इनके वेतन आहरण पर रोक लगाई जा चुकी है। अब संविलियन और वरिष्ठता सूची की जांच की जा रही है। बताते चलें कि इसके पहले शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रामसागर पारा की एक शिक्षिका भी लंबे समय से अनुपस्थित है। इनका न केवल संविलियन हुआ है बल्कि वरिष्ठता सूची में भी नाम अंकित है। लिहाजा विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में है।
बिना कारण लंबे समय से अनुपस्थित इन 8 टीचरों के नाम सहित सभी जानकारी जिला मुख्यालय भेजी जा रही है। दिशा- निर्देश की प्रतीक्षा है।
- के के यदु, बी ई ओ, भाटापारा

