गुरु की हत्या का है आरोप
भिलाई। प्रहरियों को चकमा देकर जिला अस्पताल के प्रसाधन कक्ष की खिड़की तोड़कर फरार केंद्रीय जेल दुर्ग की विचाराधीन किन्नर बंदी काजल उर्फ शंकर बुद्धे को पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया से गिरफ्तार कर लिया है।
एडिशनल SP संजय ध्रुव ने बताया फरार बंदी काजल की तलाश की जा रही थी। गोंदिया में उसके होने की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम को भेजा गया जहाँ 12 जुलाई को उसे पकड़ लिया गया। काजल अस्पताल से भाग कर इंदिरा मार्केट गई। वहां 2-3 घंटे घूमती रही। शाम 6 बजे रेलवे स्टेशन दुर्ग पहुंची। रात 11 बजे ट्रेन आई तो उसमें सवार होकर गोंदिया भाग गई।
गौरतलब हो कि गुरुवार 8 जुलाई को डिसचार्ज होने के बाद प्रहरी उसे लेकर जेल जा रहे थे इसी दौरान वाशरूम जाने का बहाना कर चकमा देकर फरार हो गई थी। घटना की जानकारी जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने कोतवाली थाने में दर्ज कराया था। वहीं लापरवाही के लिए जेल अधीक्षक ने दोनों प्रहरियों को निलंबित कर दिया है।
दुर्ग जिला अस्पताल की खिड़की से कूदकर भाग निकली थी
काजल की तबियत बिगड़ने पर उसे दुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को स्वास्थ ठीक होने पर जेल प्रहरी उसे अस्पताल से जेल दाखिल कराने के लिए लेने गए थे। इसी बीच फ्रेश होने का बहाना बनाकर वह खिड़की से कूदकर भाग गई थी। जब वह नहीं लौटी तो दोनों जेल प्रहरी उसे तलाशते हुए बाथरुम पहुंचे तो घटना का पता चला।
गुरु की हत्या का है आरोप
पुलिस के मुताबिक गया नगर निवासी किन्नर सोनू सार्थी उर्फ छाया का शव खाली प्लाट में पड़ा मिला था। जांच में पुलिस ने सोनू की शिष्य राजीव नगर निवासी 30 वर्षीय काजल उर्फ शंकर पिता गंगाराम बुद्धे को हत्या का आरोप मानकर गिरफ्तार किया था । उस पर आरोप है कि सोनू की हत्या करने के बाद शव को रस्सी से बांध, चादर लपेटकर बोरे में भरकर 29 सितंबर 2019 को घर से 40 मीटर दूरी पर खाली प्लॉट में छोड़कर आया था।
सर्जरी के लिए जमा किए थे रुपए
पुलिस को पूछताछ में आरोपी काजल ने बताया था कि दो साल पहले छाया ने उससे 70 हजार रुपए उधार ले लिए थे। जिसे वह नहीं लौटा रहा था। कई बार लेनदेन को लेकर विवाद हो चुका था। काजल ने बॉडी की सर्जरी कराने के लिए रुपए जमा किए थे। कई बार रुपए मांगने पर भी सोनू पैसे नहीं लौटा रहा था। पुलिस के मुताबिक काजल के खिलाफ जीआरपी में कई मामले दर्ज हैं।
