छह साल तारीख पर तारीख लेकर भी अभियोजन अदालत में अपराध सिद्ध करने में नाकाम रहा

कोटा । अदालत अपराध सिद्ध करने अभियोजन को तारीख पर तारीख देती रही। सड़क दुघर्टना में मौके पर ही मृत दो आदिवासी युवकों की मौत का आरोपी संदेह का लाभ पाकर दोषमुक्त हो गया। गैर इरादतन हत्या का अपराध सिद्ध करने अभियोजन चश्मदीद साक्षी तो दूर दुर्घटना की सूचना देने वाले प्रार्थी तक का साक्ष्य कराने में नाकाम रहा। आरोपी को संदेह का लाभ देने न्यायालय को अभियोजन ने मजबूर कर दिया। सबने देखी थी सड़क पर पड़ी युवकों की दो लहुलुहान लाश।  इन दो लाशों के साथ सिस्टम और समाज भी मुर्दा हो गया। …और फिर न्याय की भी हो गई गैर इरादतन हत्या ?
मामला छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र की है। पुलिस की दर्ज तहरीर के मुताबिक घटना 08.जुलाई 2019 की शाम राजेश और सोमदत्त टोप्पो अपनी मोटरसायकल से रिश्तेदारों के पास जाने के लिये घर से निकले थे। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम केंदा मुख्य मार्ग पर लगभग 18.30 बजे स्वराज माजदा क्रमांक सी.जी. 10 जी – 0933 के आरोपी चालक ने काफी तेज, लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाकर बाइक सवार अविनाश टोप्पो, सोमदत्त टोप्पो एवं राजेश टोप्पो को कुचल दिया। गंभीर चोंटे आने से सोमदत्त टोप्पो व राजेश टोप्पो की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल अविनाश टोप्पो को ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मर्ग कायम कर जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 279, 337 व 304 ए गैर इरादतन हत्या का अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी गाड़ी चालक रमेश दास मानिकपुरी पिता भागवत दास मानिकपुरी 47 वर्ष, निवासी ग्राम फिरंगीपारा कोटा को गिरफ्तार कर जमानत मुचलका पर छोडा गया। मामले की विवेचना पूरा कर अभियोग पत्र न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोटा, जिला बिलासपुर में प्रस्तुत किया गया था। मामले की विधि सम्मत सुनवाई कर 02 सितम्बर 2025 न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोटा ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने घटना के आरोपी गाड़ी चालक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट में आरोपी ने झूठा फंसाया जाना और निर्दोष होना व्यक्त कर स्वयं के बचाव में कोई साक्ष्य नहीं देना व्यक्त किया गया। वहीं अभियोजन पक्ष द्वारा किसी भी अभियोजन साक्षी का साक्ष्य नहीं कराया गया।

प्रार्थी और गवाहों का नहीं कराया गया साक्ष्य

फैसले में न्यायालय ने बताया है कि प्रकरण वर्ष 2019 से लंबित था।  प्रकरण को संदेह के परे प्रमाणित करने का भार अभियोजन पर था।  न्यायालय ने अभियोजन को पर्याप्त अवसर देने के बाद भी किसी भी अभियोजन साक्षी का साक्ष्य नहीं कराया गया। अभियोजन द्वारा प्रकरण की प्रार्थी का साक्ष्य भी नहीं कराया गया। जिससे अपराध प्रमाणित हो सके। प्रकरण में पर्याप्त अवसर देने के बाद भी अभियोजन प्रकरण के मुख्य साक्षियों को उपस्थित रखने में असमर्थ रही। प्रकरण में किसी भी साक्षियों का साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका जिससे अभियुक्त को संदेह का लाभ मिला।

अपराध सिद्ध करने में अभियोजन नाकाम रहा

अभियोजन संदेह से परे अपराध प्रमाणित करने में असफल रहा है कि आरोपी ने 08 जुलाई.2019 को लगभग 18.30 बजे स्थान ग्राम केंदा मुख्य मार्ग कोटा, आरक्षी केंद्र थाना कोटा, जिला बिलासपुर (छ०ग०) पर वाहन स्वराज माजदा क्र० सी.जी.-10 जी-0933 को लोकमार्ग पर उपेक्षा एवं उतावलेपन से चलाकर मानव जीवन को संकटापन्न किया। अविनाश टोप्पो को साधारण उपहति कारित किया। सोमदत्त टोप्पो एवं राजेश टोप्पो को ठोकर मारकर उनकी मृत्यु कारित किया, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता है। आरोपी रमेश दास मानिकपुरी को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 279, 337 एवं 304 ए (दो बार) के अपराध से दोषमुक्त कर दिया गया।