बीटीसी कृषि महाविद्यालय में योग दिवस मनाया

बिलासपुर।  योग का अर्थ केवल शारीरिक क्रियाओं तक सीमित नहीं है, यह जोड़ने की क्रिया है। योग हमारे बिखरे हुए व्यक्तित्व को जोड़ने के साथ-साथ समाज को भी एकजुट करता है। ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ जैसी थीम का सार यही है कि जब व्यक्ति स्वस्थ होगा तभी समाज, देश और संपूर्ण पृथ्वी स्वस्थ रह सकेगी।” यह बात अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे ने कही।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई ने 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (Yoga for One Earth, One Health) है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. चौरे ने कहा बदलती जीवनशैली और मानसिक तनाव के युग में योग, प्राणायाम और ध्यान व्यक्ति का स्वास्थ्य सुधरता है। समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य भी स्थापित करता है।

योग सत्र का संचालन डॉ. के.के. श्रीवास्तव, निशेष वर्मा, उत्तम अग्रवाल, डॉ. लव श्रीवास्तव, निशा मिश्रा और देवेंद्र चंद्रवंशी ने किया। योगासन, प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास कर बताया कि नियमित योग से तन, मन और आत्मा के संतुलन के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की भावना को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों में प्राकृतिक जीवन शैली, स्वास्थ्य के प्रति सजगता और पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। योग की यह सार्वभौमिक भाषा आज की स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करती है। डॉ. श्रीवास्तव ने नियमित योग करने की शपथ दिलाई।

छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर बनाओ, रंगोली, एवं योग प्रदर्शन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। प्रतिभागियों ने थीम आधारित चित्रण एवं भाव प्रस्तुति द्वारा योग के महत्व को कलात्मक ढंग से दर्शाया। कार्यक्रम में टी.डी. पांडे, आर.के. शुक्ला, आर.के.एस. तोमर, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स, दिनेश पांडे, अर्चना केरकट्टा, लेफ्टिनेंट रोशन परिहार, यशपाल सिंह निराला, धजाराम कश्यप, पवन कुमार कौशिक, अमजद खान, सुनील कुमार वर्मा, केदार कश्यप, गोरेलाल थवाईत सहित छात्र-छात्राओं का सहयोग रहा।