चाट कार्नरों को अंतिम हिदायत

बेमेतरा। सैंपल, मस्टर्ड और राईस ब्रॉन ऑयल का। नष्टीकरण,कालातीत हो चुकी मिठाइयों का। हैरत तो तब हुई, जब एक स्वीट कॉर्नर में जांच के दौरान अखाद्य हो चुका गुलाब जामुन मिला। फौरन नष्ट करने के आदेश दिए गए।

त्यौहार और पर्व के महीने चालू हो चुके हैं। दीपावली तक चलने वाले सीजन पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जांच अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। पहली बार चाट कॉर्नरों को भी जांच के घेरे में रखने का फैसला लिया गया है। इस बीच खुले में बिकने वाले खाद्य तेल के कारोबार को पूरी तरह बंद करने का भी अभियान चलाए जाने की जानकारी संबंधित संस्थानों को दी जा रही है।

सैंपल सरसों तेल का

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के आदेश के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने नगर में बेचे जा रहे मस्टर्ड और राईस ब्रान ऑयल के सैंपल लिए हैं। लिए गए सैंपल को जांच के लिए विभाग की राजधानी स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रतिकूल रिपोर्ट मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

नष्ट करवाई गुलाब जामुन

अनिल स्वीट्स। शहर में मिठाइयों के लिए जानी-पहचानी संस्थान। सघन जांच के दौरान यहां गुलाब जामुन की जब जांच की गई, तब पाया गया कि यह सामग्री अखाद्य हो चुकी थी। पूछे जाने पर जो बताया गया उसे संतोषजनक जवाब नहीं माना गया। इसलिए गुलाब जामुन की लगभग 10 किलो मात्रा नष्ट करवा दी गई।

निशाने पर चाट कार्नर

प्रशासन ने अपनी पिछली जांच में चाट कॉर्नरों में बरती जा रही लापरवाही को नजर में रखते हुए इस क्षेत्र को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि काउंटर में कार्यरत सहायकों को हेड कैप,ग्लव्स और मास्क अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाएं। कॉर्नर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें और अनिवार्य रूप से डस्टबिन की व्यवस्था करें। अगली जांच में यह नहीं मिले, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राईस ब्रान और मस्टर्ड ऑयल का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। स्वीट कॉर्नरों की जांच में कालातीत हो चुकी खाद्य सामग्री नष्ट करवाई गई। अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

रोशन वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बेमेतरा