नहीं थी निर्माण की तारीख
बलौदा बाजार। तेवर में सख्ती बरकरार है। यह रक्षाबंधन के दिन भी, तब देखा गया जब थोक में 30 किलो मिठाई इसलिए नष्ट करवा दी गई क्योंकि इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता था। दिलचस्प बात यह रही कि इसमें काजू की बर्फी जैसी सबसे ज्यादा भरोसेमंद मिठाई भी शामिल थी।
रक्षाबंधन के दिन भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जैसी सक्रियता दिखाई वह कारोबारी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। कलेक्टर रजत बंसल के सख्त निर्देश के बाद जिला मुख्यालय की तीन स्वीट कॉर्नरों में टीम ने छापा मारा। बेहिसाब गलतियां मिलीं। स्पष्टीकरण, नोटिस और नष्टीकरण की कार्रवाई ने समूचे जिले में यह संदेश स्पष्ट रूप से दे दिया कि खान-पान की सामग्री के निर्माण और विक्रय में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।गुलाब जामुन, बर्फी और काजू बर्फी

गुलाब जामुन, बर्फी और काजू बर्फी
कोलकाता स्वीट्स। कुछ ही महीने पहले शुरू हुई यह स्वीट कॉर्नर, परंपरागत मिठाइयां तो बनाती ही है, साथ ही पर्व और त्योहारों पर मांग और रुझान के अनुसार भी जरूरी मिठाईयां बनाती हैं। टीम ने रक्षाबंधन के दिन, जब यहां जांच अभियान चालू किया तो कई गलतियां मिलीं। गुणवत्ता की जांच में गुलाब जामुन की 20 किलो मात्रा सेवन के लायक नहीं मिली। 5 किलो बर्फी भी गुणवत्ता के मानक पर सही नहीं थी। टीम हैरत में तब आई, जब सबसे ज्यादा भरोसेमंद काजू की बर्फी भी सेहत के लिए हानिकारक मानी गई। इसकी 5 किलो की मात्रा को मिलाकर कुल 30 किलो मिठाई नष्ट करवाई गई।

बजरंग और रुपड़ा को नोटिस
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियमों के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और स्वीट कॉर्नरों में बनाई जाने वाली मिठाइयों के डिस्प्ले में निर्माण की तारीख लिखना है। इससे संबंधित मिठाई की सेल्फ लाइफ की जानकारी मिलती है लेकिन बजरंग और रुपड़ा मिष्ठान में यह दोनों नहीं थे। इसलिए इन दोनों को नोटिस जारी की जा रही है।
3 संस्थानों की सघन जांच में गंभीर गलतियां मिलीं हैं। 2 को नोटिस जबकि कोलकाता स्वीट्स में बेची जा रही बर्फी, काजू बर्फी और गुलाब जामुन की 30 किलो की मात्रा नष्ट करवाई गई है।
उमेश वर्मा खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलौदा बाजार
