होंगे विविध आयोजन

बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र तथा कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर (छ.ग.) के संयुक्त तत्वावधान व छत्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, बीज निगम, अन्य विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहार अक्षय तृतीया अक्ती तिहार 3 मई को को व्यापक रूप से मनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन की सुराजी गांव योजना के अंतर्गत स्थापित जिले के प्रमुख गौठानों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। गौठान समितियाँ, स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी कार्यक्रम में सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर कृषकों, गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को विभिन्न खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, सब्जी, चारा आदि फसलों के बीज एवं पौध सामग्री महाविद्यालय द्वारा विकसित एवं प्रचलित लघु कृषि यंत्रों तथा औजारों का वितरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कृषक प्रशिक्षण एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें कृषकों की तकनीकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में अक्ती तिहार (अक्षय तृतीया पर्व) कृषि का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। इस दिन से किसान आगामी फसलों हेतु कार्ययोजना बनाते हैं। वे अपने खेतों में जाकर आगामी फसल के लिए संग्रहित बीजों की पूजा अर्चना करते हैं और कुछ मात्रा में इन्हें उगाकर बीजों की अंकुरण क्षमता का परीक्षण भी करते हैं। अक्ती तिहार के अवसर पर किसानों द्वारा आगामी फसल अच्छी होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी की जाती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के इस महत्वपूर्ण कृषि पर्व को विश्वविद्यालय द्वारा वृहद रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्यक्रम में कृषकों के साथ-साथ स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर द्वारा आयोजित अक्ती तिहार में कृषकों, गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को फल-फूल एवं सब्जी फसलों की पौध सामग्री का वितरण किया जाएगा। बीजों के साथ ही तकनीकी जानकारी भी मुद्रित रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। कृषकों, गौठान समितियों एवं स्व- सहायता समूहों के सदस्यों को महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र में आमंत्रित कर उन्हें नवीन बीजों एवं कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा। महाविद्यालय के अंतर्गत राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला द्वारा बायोफर्टिलाइजर का वितरण गौठानों में तैयार वर्मिकम्पोस्ट को समृद्ध बनाने हेतु किया जाएगा। कम्पोस्ट एनरिचमैन्ट हेतु विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा गौठान समितियों के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
अक्ती तिहार के महत्व को रेखांकित करने के लिए कृषि महाविद्यालय में 30 अप्रैल तक छात्र-छात्राओं हेतु रंगोली, गीत, कविता, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को अक्ती तिहार 3 मई को आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर परंपरागत बीजों का संरक्षण करने वाले किसानों, कृषक समितियों एवं वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया जाएगा। जिले में अक्ती तिहार से संबंधित कृषि साहित्य, बीज से संबंधित साहित्य तथा मौसम से संबंधित साहित्य का संकलन भी किया जाएगा तथा इसे विश्वविद्यालय स्तर पर प्रकाशित किया जाएगा। अक्ती तिहार के आयोजन हेतु विश्वविद्यालय द्वारा अक्ती गीत एवं इसका लोगो तथा प्रोमो भी बनाया जा रहा है जिसके माध्यम से अक्ती तिहार का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।