महासमुंद।  खान-पान की सामग्री बनाने और बेचने वालों के लिए अच्छी खबर। खाद्य नियामक फेसाई के लायसेंस और रजिस्ट्रेशन अब आजीवन मान्य होंगे। बार-बार नवीनीकरण की दिक्कत दूर करने के अलावा टर्न ओवर लिमिट में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि उसके रजिस्ट्रेशन और लायसेंस की वैधता अब आजीवन होगी। अपने-आप में यह फैसला इसलिए बड़ा और अहम माना जा रहा है क्योंकि हर साल नवीनीकरण की आवश्यकता कई तरह की परेशानियां खड़ी करती थी।

मुक्ति नवीनीकरण से

अब तक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस 1 से 5 साल की अवधि तक के लिए जारी किए जाते रहे हैं। अब नवीनीकरण से मुक्ति और आजीवन वैधता मिलने की सुविधा के बाद सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों की अनुपालन लागत कम होगी। कागजी कार्रवाई कम होगी और लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों से बार-बार संपर्क की जरूरत खत्म होगी।

टर्न ओवर लिमिट में बड़ा बदलाव

लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर लिमिट में अहम बदलाव किए गए हैं। बदलाव के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर की सीमा अब 1.5 करोड़ रुपए होगी। इसके पहले तक यह 12 लाख रुपए सालाना थी। नए नियम के अनुसार अब 50 करोड़ के सालाना व्यवसाय के लिए स्टेट लाइसेंस की आवश्यकता होगी। 50 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबार के लिए सेंट्रल लायसेंसिंग के नियम प्रभावी होंगे। यह नियम राज्य के अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में निगरानी के लिए प्रेरित करेगा।

राहत स्ट्रीट वेंडर्स को भी

स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट- 2014 के तहत अब रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड वेंडर्स को “ड्रीम्ड रजिस्टर्ड” माना जाएगा। इस सुविधा के बाद नगर पालिका, नगर निगम और टाउन वेंडिंग कमेटियों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। स्ट्रीट फूड वेंडर को। आजीविका तथा स्वच्छता के अलावा कारोबार के विस्तार की ओर ध्यान दे सकेंगे। प्राधिकरण को भरोसा है कि यह सुविधा स्ट्रीट फूड काउंटरों को स्वच्छता के लिए भी प्रेरित करेगी।

पारदर्शी कारोबार को बढ़ावा

रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की आजीवन वैधता न केवल पारदर्शी एवं व्यापार अनुकूल माहौल बनाने में मदद करेगा बल्कि नियामक संसाधनों का उपयोग प्रवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे जरुरी काम प्रभावी तरीके से किये जा सकेंगे।

  • उमेश वर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद