जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बिक्री पर लगी रोक
महासमुंद। असुरक्षित था सेवन आटा, चावल, बेसन, चायपत्ती और पान पसंद का। सैंपल जांच की रिपोर्ट के बाद इन सामग्रियों के चुनिंदा बैच का विक्रय जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बीते महीने सघन जांच के दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। इन्हें जांच के लिए भोपाल, जयपुर और रायपुर की प्रयोगशाला भेजा गया था। जहाँ से रिपोर्ट मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से बिक्री पर रोक लगाई जा चुकी है। साथ ही प्रकरण भी बनाया जा रहा है।
प्रतिबंधित यह बैच, यह सामग्री
नारायणी फ्रेश फ्लोर बैच नंबर सी-डी-02, एवं पैक्ड स्वेच्छा लाईट प्रीमियम- टी बैच नंबर ई-026-सी का सैंपल जयपुर भेजा गया था। जहां इन्हें असुरक्षित पाया है। भोपाल भेजे गए थे संपन्न ब्रांड बेसन के सैंपल- बैच नंबर जी-वी-5, एच0844-डी-1-। नवाजिश एक्स्ट्रा लाॅन्ग बासमती राइस का 1 किलो का पैक बैच नंबर जे-29 पी सी आई एल के सैंपल की परीक्षण रिपोर्ट के बाद इसे सेवन के लिए असुरक्षित पाया गया है। इसी तरह पान पसंद पान मसाला की पैकिंग में जरूरी सूचनाएं नहीं थीं। इसे भी असुरक्षित पाया गया है।

खरीदी- बिक्री पर रोक
सघन जांच, सैंपलिंग और प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद भारतीय खाद्य एवं सुरक्षा मानक अधिनियम- 2006 की धारा- 36 की उप धारा- 3- ख के तहत अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इन खाद्य पदार्थों के वर्णित बैच नंबर को जिले में विक्रय के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। थोक एवं खुदरा कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि इन वर्णित बैच नंबरों के खाद्य पदार्थों का क्रय- विक्रय नहीं करें।
ऐसा पहली बार
परीक्षण रिपोर्ट के बाद एक साथ पांच खाद्य पदार्थों की खरीदी- बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की खाद्य एवं औषधि प्रशासन की यह पहली कार्रवाई जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन के अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने स्पष्ट किया है कि खान-पान सामग्री निर्माण और विक्रय के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। सघन जांच के दौरान मानकों के परिपालन पर भी नजर रहेगी।
