सतत मॉनिटरिंग और समझाइश को मिल रहा प्रतिसाद
भाटापारा। खंड क्षेत्र की सभी स्कूलें बहुत जल्द नशा मुक्त क्षेत्र होने जा रहीं हैंं। कोटपा एक्ट के तहत चल रहे अभियान को जैसी सफलता विकासखंड में मिल रही है, उससे जिला मुख्यालय खुश है और मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि दोबारा ऐसी दुकानें फिर से संचालन में ना आएं, जहां गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी और गुड़ाखू बिकते हैं।
सतत निगरानी। शिक्षकों और दुकानदारों के बीच निरंतर संवाद और बच्चों को समझाईश। यह प्रयास रंग लाने लगा है। परिणाम नशा मुक्त क्षेत्र के रूप में नजर आ रहा है। बीते माह मिली रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है कि कोटपा एक्ट के तहत चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के बाद खंड शिक्षा क्षेत्र की लगभग 95 फ़ीसदी स्कूलों ने लक्ष्य हासिल कर लिया है जबकि शेष स्कूलें भी सफलता के करीब पहुंच रहीं हैं।
लक्ष्य शत-प्रतिशत का
विकासखंड क्षेत्र में शासकीय प्राथमिक स्कूलों की संख्या 135 हैं, तो शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल 75 हैं। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या 33 हैं। इस तरह 243 स्कूलें संचालित हो रहीं हैं। प्रारंभिक जांच में अधिकांश स्कूलों के आसपास पान ठेले और किराना दुकानें संचालित होती मिलीं। जहां तंबाकू और तंबाकू युक्त सामग्री का विक्रय किया जाना पाया गया। इसलिए जागरूकता अभियान के पहले चरण में इन्हें समझाया गया कि वे ऐसी सामग्री का विक्रय अब बंद करें। लगभग सभी ने हामी भरी और मंजूरी दे दी। इस तरह सफलता की राह आसान होती चली गई।
हर रोज मांगी जा रही जानकारी
खंड स्रोत समन्वयक कार्यालय से ब्लॉक की सभी स्कूलों से संपर्क किया जा रहा है और प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है। ताजा जानकारी यह है कि जिन स्कूलों के आसपास के पान ठेले या दुकानों से यह सामग्री बेची जा रही है, उन्होंने समय मांगा है, ताकि मानक दूरी के नियमों का पालन किया जा सके। कुछ ने आर्थिक परेशानियों का हवाला देते हुए समय मांगा है। इस पर स्कूल प्रबंधन को सलाह दी गई है कि स्थितियों को देखते हुए फैसला करें। इसकी सूचना उन्हें खंड मुख्यालय में देनी होगी।
यह है नियम
कोटपा एक्ट के तहत शैक्षणिक संस्थान की 100 मीटर की परिधि में तंबाकू या तंबाकू उत्पाद की बिक्री और सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों के उल्लंघन पर 200 रुपए का अर्थ दंड का प्रावधान है। यदि दोबारा यही गलती फिर से मिली तो दंड और सजा और भी कड़ी हो सकती है।
खंड क्षेत्र की सभी स्कूलें नशा मुक्त क्षेत्र के लक्ष्य के करीब पहुंच रहीं हैं। जहां दिक्कत आ रही है, वहां की स्कूलों को अलग से मार्गदर्शन दिया गया है और स्थानीय प्रशासन से मदद मांगने के निर्देश दिए गए हैं।
- एल आर साहू, खंड स्रोत समन्वयक ,भाटापारा

