कृषि छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर के अवसर पर आयोजित सेमिनार संपन्न


बिलासपुर। कृषि केवल पारंपरिक किसानों के लिए ही नहीं है, इस क्षेत्र में युवा भी अपना कैरियर बना सकते हैं । इस क्षेत्र में रोजगार के लिए आप नए व आधुनिक तरीके से फसलों की खेती करके कृषि उत्पादों की मार्केटिंग करके भी अपना बेहतर भविष्य बना सकते हैं। आवश्यकता है सैद्धांतिक ज्ञान के साथ ही प्रायोगिक ज्ञान का होना। यह बात  मुख्य अतिथि प्रदीप शर्मा ने कहीं।

अध्यक्षता कर रहे अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय बिलासपुर डॉ.आर. के. एस.तिवारी ने कहा जो व्यक्ति अपने सामने ऊंचा उद्देश्य रखता है,वह अवश्य ही एक दिन उसे पूर्ण करने में सफल होता है। लेकिन इसके लिए आवश्यक है कि वह अपने लक्ष्य पर तीव्र गति से निरंतर बढ़ता जाए। उन्होंने करियर डेवलपमेंट सेंटर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर का आभार जताया।

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर छग में कैरियर डेवलपमेंट सेंटर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान व राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के वित्तीय सहयोग से “कृषि छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर के अवसर” विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का समापन हुआ। इसके प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रदीप शर्मा सलाहकार मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने कहा हमारे अन्नदाता कृषको के पास जो पारंपरिक ज्ञान का भंडार है उसे हमें आत्मसात करना होगा। ग्रामीण औद्योगिक पार्क का विकास युवाओं को विभिन्न नवाचारी उद्यमों से जोड़ने के उद्देश्य से ही किया जा रहा है।
रहे। 

विशिष्ट अतिथि डॉ. जी.के. श्रीवास्तव अध्यक्ष कैरियर डेवलपमेंटने कहा वैश्विक महामारी के बाद यह पहला अवसर है जब इस प्रकार का आयोजन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर इस आयोजन की प्रशंसा की जा रही है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. एस. एस. टुटेजा संयोजक कैरियर डेवलपमेंट ने  कहा कैरियर डेवलपमेंट सेंटर छात्र- छात्राओं के भविष्य निर्माण के लिए हमेशा तत्पर है । हमारा यह प्रयास है कि हम शिक्षित बेरोजगारों को बेहतर कैरियर के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं,छात्र-छात्राएं जो आर्थिक रूप से असक्षम है सेंटर उन्हें उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके भविष्य का निर्माण करने में भी सहयोग प्रदान करेगा।

सेमिनार के दूसरे दिन तकनीकी सत्र में विकास कुमार, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर ने “संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में कृषि छात्रों के लिए अवसर”; डॉ. संदीप उपाध्याय, रीजनल हेड छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा इंडोफिल प्राइवेट लिमिटेड ने “निजी क्षेत्र में कृषि छात्रों के लिए कैरियर की संभावनाएं”: डॉ.शरद दिक्षित, आईआरएस, वरिष्ठ वैज्ञानिक, इरी, फिलीपींस ने “विदेशी संस्थाओं में कृषि छात्र हेतु उच्च अध्ययन एवं कैरियर विकास की संभावनाएं”, डॉ.गजेंद्र चंद्राकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक कीट विज्ञान ने “मखाना की उन्नत कृषि तकनीक, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन”, डॉ. उल्लास पाठक, प्राध्यापक (कृषि अर्थशास्त्र), कृषि महाविद्यालय, इं.गां.कृ.वि., रायपुर ने “कृषि छात्रों हेतु नवोन्वेषी उद्यम विकास की संभावना” व कुलदीप पटेल, सीईओ, सिद्धार्थ एग्रो मार्केटिंग एंड लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड ने “कृषि क्रांति में फसल बाजार” विषय पर व्याख्यान दिया।

समापन अवसर पर चारों तकनीकी सत्र में विषय विशेषज्ञ द्वारा विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत व्याख्यानो का सत्रवार प्रतिवेदन वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. टीडी पांडे, डॉ. एके अवस्थी, डॉ. एनके चौरे डॉ. आरके शुक्ला द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों में से वर्तिका गुप्ता, गेंदलाल साहू, नीतिका गोड़ एवं मधु यादव ने फीडबैक दिया । कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक अजीत विलियम्स व आभार आयोजन सचिव डॉ. आर.के. एस. तोमर ने व्यक्त किया। कृषि छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर के अवसर विषय पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में लगभग 450 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक,ज वैज्ञानिक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।