एक्सपायरी कीटनाशक दवाओं का संधारण नहीं, नोटिस
भाटापारा। मूल्य सूची अपडेट नहीं थी। बिल नहीं काटे जा रहे थे। कालातीत दवाओं का संधारण नहीं था। और भी कई तरह की गलतियां थीं। जिन्हें गंभीर मानते हुए कृषि विभाग ने नोटिस जारी कर दी है। इन्हें तीन दिवस के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
यूरिया सहित अन्य उर्वरक की बिक्री, निर्धारित से ज्यादा मूल्य पर किए जाने की शिकायत जिले भर से मिल रही है। ऐसी ही गलती, शहर की दो प्रतिष्ठित संस्थानों में भी मिली है। जांच टीम ने फौरन नोटिस थमाते हुए 3 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
बिना बिल कारोबार
उपसंचालक एसआर पैकरा के नेतृत्व में निकली टीम ने जब, कृषि सोपान की जांच की तब, यह देखकर हैरान रह गई कि बिना बिल के कृषि दवाओं और उर्वरक विक्रय किया जा रहा था। सूक्ष्मता से जांच किए जाने पर मूल्य सूची, अपडेट नहीं मिली, जबकि इसे प्रतिदिन अपडेट किया जाना है। टीम ने संस्थान में ‘ओ’ फॉर्म का भी अपडेट नहीं होना पाया।
एक्सपायरी दवाओं का संधारण नहीं
लखन जानकी छाबड़िया की दुकान की भी जांच की गई। तब यह जानकारी हाथ आई कि कालातीत हो चुकी दवाओं का संधारण नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसी स्थिति में आ चुकी दवाओं को अलग रखे जाने के नियम का भी उल्लंघन किया जाना पाया गया। यह गंभीर गलती थी, इसलिए इस संस्थान को भी तीन दिवस के भीतर जवाब देने की नोटिस जारी की गई।
मनमानी अभी भी
ताबड़तोड़ छापा, नोटिस और सील करने की कार्रवाई के बावजूद शहर क्षेत्र की उर्वरक दुकानों से यूरिया का विक्रय अभी भी लादन के साथ किया जाना जारी है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की दुकानों से भी मनमानी कीमत का लिया जाना जारी है। यहां जरूरत देखकर कीमत लिए जाने की जानकारी सामने आ रही है।
2 को नोटिस
भाटापारा की जिन दो संस्थानों को नोटिस दी गई है उन्हें, 3 दिन के भीतर जवाब देना होगा। जवाब यदि संतोषजनक नहीं रहे तो कार्रवाई और कड़ी की जाएगी।
- एसआर पैकरा, उपसंचालक, कृषि, बलौदा बाजार


