कालाबाजारी रोकने कृषि उप संचालकों को कड़े निर्देश

रायपुर। यूरिया की बिक्री में, ली जा रही मनमानी कीमत, अब बेहद भारी पड़ेगी। और हां, इस उर्वरक के साथ दी जाने वाली अतिरिक्त सामग्री याने ‘लादन’ तो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। संचालनालय के अपर कृषि संचालक ने प्रदेश के सभी कृषि उप संचालकों को यूरिया के विक्रय पर कड़ी नजर रखने और शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

खरीफ सत्र के बाद, अब रबी सत्र में यूरिया का जिस तरह का संकट बना हुआ है उसकी गूंज संचालनालय तक पहुंच चुकी है। निर्धारित से अधिक कीमत पर बेची जा रही यूरिया के साथ अतिरिक्त सामग्री का विक्रय, अलग से नाराजगी की वजह बन रही है क्योंकि इस समय, इसकी जरूरत जरा भी नहीं है। इसे लेकर भारतीय किसान संघ ने जो ज्ञापन सौंपा था, उसके बाद संचालनालय ने यह कदम उठाया है। उम्मीद की जा रही है कि संचालनालय के आदेश के बाद बाजार की ऐसी गतिविधियों पर रोक लग सकेगी।

उर्वरक पर यह आदेश

कृषि उपसंचालकों को उर्वरक के लिए जो निर्देश दिए गए हैं, उसमें यह कहा गया है कि उर्वरक निरीक्षकों के माध्यम से उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करवाएं। आवश्यकता अनुसार विक्रय केंद्रों पर विभाग के अधिकारियों को तैनात करवाकर यूरिया सही मूल्य पर उपलब्ध करवाएं। यह भी सुनिश्चित करें कि उर्वरक निर्धारित मूल्य पर ही उपलब्ध हों।

लादन को करें चिन्हित

अपर संचालक कृषि (उर्वरक) ने लादन को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उप संचालकों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि उर्वरक निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में इसकी निगरानी करनी होगी, और यह सुनिश्चित करना होगा कि उर्वरक के साथ अन्य सामग्री लादन के रूप में नहीं दी जाए। ऐसी सामग्रियों को भी चिन्हित करने के आदेश दिए गए हैं, जो उर्वरक के साथ संबद्ध की जाती है, जिसकी जरूरत किसानों को इस समय नहीं है। इसमें कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व और जैव प्रेरक के अलावा अन्य सामग्री है।