गढ़बो छत्तीसगढ़ का सच
प्रभावित क्षेत्र में एक भी एमबीबीएस डाक्टर की तैनाती नहीं
रतनपुर । वनांचल बेलगहना केंदा क्षेत्र में फेली डायरिया जैसी महामारी से निपटने स्वास्थ्य विभाग का अमला कितनी संजीदगी से काम कर रहा है, इसका अंदाजा विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा प्रभावित गांवों में ड्यूटी पर लगाए गए स्वास्थ्य अमले से ही लगाया जा सकता है। महामारी की रोकथाम के लिए एक भी डाक्टर की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। जिनकी ड्यूटी लगाई गई है वे ग्रामीणों को आत्मनिभर्र हो कोटा रतनपुर जाने की सलाह दे रहे है।
विकासखंड चिकित्सा अधिकारी संदीप द्विवेदी द्वारा रविवार को डायरिया प्रभावित ग्राम बरगवां और आमामुड़ा में प्रभावितों के इलाज के लिए स्वास्थ्य अमले की ड्यूटी लगाई गई है इसमें एक भी एमबीबीएस डाक्टर नहीं है, गांवों में आरएचओ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक की ड्यूटी लगाई गई है जारी सूची के मुताबिक ग्राम बरगवां में उप स्वास्थ्य केन्द्र छतौना के आरएचओ महेश पैकरा व किरण पैकरा की ड्यूटी दिन में और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दा के पर्यवेक्षक शकुंतला मिंज, उप स्वास्थ्य केंद्र लुफा के के आरएचओ सुशील पैकरा व उप स्वास्थ्य केंद्र मझगवां के आरएचओ एलमा एक्का की ड्यूटी रात में लगाई गई है वहीं सर्वाधिक प्रभावित गांव आमामुड़ा में उप स्वास्थ्य केंद्र मिट्ठू नवागांव के आरएचओ राम प्रसाद पैकरा, उप स्वास्थ्य केंद्र कोनचरा के आरएचओ उषा एक्का, उप स्वास्थ्य केंद्र मिट्ठू नवागांव के सीएचओ दिलीप कुमार व प स्वास्थ्य केंद्र कोनचरा के सीएचओ अनिता राज मरावी की ड्यूटी लगाई गई हैं जारी आदेश में रात में इस गांव के लिए किसी भी स्वास्थ्य कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई गई है, इससे मामले को लेकर कोटा ब्लाक के बीएमओ की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नहीं मिल रही एम्बुलेंस की सुविधा
ग्रामीणों के मुताबिक दो दिन से गांव में डायरिया का प्रकोप है। इसकी सूचना ग्रामीणों के द्वारा केंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ कोटा बीएमओ संदीप द्विवेदी को दी गई थी। इसके बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के साथ किसी डाक्टर की ड्यूटी लगाई गई, और न ही गंभीर रूप से बीमार ग्रामीणों को नजदीक के सरकारी अस्पताल ले जाने एम्बुलेंस उपलब्ध कराया गया। ग्रामीण अपने गंभीर रूप से बीमार परिजनों को लेकर खुद ही मालवाहक पिकअप और दिगर वाहनों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर और सिम्स बिलासपुर पहुंचते रहे।
क्या था मामला
शनिवार को कोटा ब्लाक के ग्राम पंचायत मचगवां के बरगवां गांव में एक व्यक्ति की दशगात्र का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने ग्राम आमामुड़ा निवासी अमृत बाई पति मंगल सिंह गई थीँ जहां उल्टी दस्त से अमृत बाई की मौत हो गई। परिजन उसका शव लेकर अंतिम संस्कार करने आमामुड़ा आ गए, जहां उसके अंतिम संस्कार में 50 से भी अधिक ग्रामीण शामिल हुए। अंतिम संस्कार में शामिल ग्रामीणों को शनिवार की देर रात उल्टी दस्त होने की शिकायत शुरू हो गई ग्रामीणों ने पहले तो इसे हल्के में लिया। सुबह हालत में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों का इलाज करने वाले नीम हकीमों से ही सुई लगाकर दवाएं लीँ इसके बाद भी हालत में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने मामले की सूचना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केंदा को दी। जहां से स्वास्थ अमला गांव पहुंचा और ग्रामीणों की बिगडती हालत देखकर इलाज के लिए रतनपुर व कोटा ले जाने की सलाह दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से 10 गंभीर मरीजों को सिम्स बलासपुर रेफर किया गया है।




