यूपी में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी शिवसेना

मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन टूटने के बाद अब शिवसेना ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के साथ दो-दो हाथ करने का ऐलान कर दिया है। चुनाव में उसने सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में अकेले अपने दम पर शिवसेना की प्रत्याशी खड़ा करने का निर्णय लिया है। इन चार सौ 3 विधानसभा क्षेत्रों में से एक भी क्षेत्र में अगर शिवसेना का प्रत्याशी चुनाव जीत जाएगा तो भी उसे उपलब्धि माना जाएगा। दरअसल शिवसेना का निर्णय एक तरफ से भाजपा के वोट काटने की कवायद से भी अधिक नहीं है। इसमें वह कितनी सफल हो पाएगी यह भविष्य के गर्भ में है। बीजेपी से केंद्र और महाराष्ट्र में 25 साल पुराना गठबंधन टूटने के बाद ये पहली बार है जब यूपी में शिवसेना अपने दम पर विधान सभा की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शिवसेना की यूपी कार्यकारिणी की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया है।

योगी सरकार का कार्यकाल है जंगल राज


बैठक के बाद जारी बयान में यूपी में योगी सरकार के कार्यकाल को जंगलराज करार देते हुए शिवसेना ने कहा कि वो सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारकर बीजेपी को करारा सबक सिखाएगी। शिवसेना ने साथ ही आरोप लगाया है कि बीजेपी की पिछले साढ़े चार सालों की सरकार में यूपी की कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है। यहां तक की प्रदेश में बहन बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं।

नहीं करा पाए लाशों को जलाने संसाधन

शिवसेना ने यूपी सरकार पर आरोप लगाया है कि यूपी में ब्राह्मणों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। शिवसेना ने आरोप लगाया कि कोविड में लाशों को जलाने का साधन तक मुहैया नहीं करवाया गया। पार्टी ने सभी विधान सभाओं में संगठन को मजबूत करने के लिए कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने की बात कही है।