कलेक्टर से की शिकायत में सीएमओ पर लगाया रुपए लेकर उपकृत करने आरोप

रतनपुर । मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर रूपए लेकर ठेका श्रर्मिकों को नियमित नियुक्ति देने की कोशिश करने के आरोप लगे हैँ इसकी शिकायत कलेक्टर के साथ प्रमुख सचिव छत्तीसगढ शासन, उप संचालयक नगरीय प्रशासन सहित उच्च अधिकारयों से कर कार्रवाई की मांग की गई है


नगरपालिका कार्यालय रतनपुर में प्लेसमेंट ठेकेदार के अधीन कार्यरत तीन कर्मियों ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में अपने अधिवक्ता के माध्यम से याचिका दायर कर नियमित नियुक्ति देने की गुहार लगाई, जिसमें छत्तीयगढ शासन व नगरपालिका परिषद रतनपुर को पक्षकार बनाया गया हैँ।

वाद क्रमांक डब्ल्यू पीएस नंबर 645 – 2021 में 17 फरवरी 2021 को पारित आदेश में कोर्ट ने आदेश मिलने के चार महीने के भीतर राज्य शासन द्वारा 05 मार्च 2008 को जारी परिपत्र के हिसाब से निर्णय देने का आदेश जारी पर मामले को निराकृत कर दिया गया । इस पर उप सचिव छत्तीसगढ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर जिला रायपुर ने पत्र क्रमांक 2465 / 6268 / 2014 /18 नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 22 / 03 / 2021 के माध्यम से मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद रतनपुर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 05 मार्च 2008 व विभाग के पत्र दिनांक 03 अप्रैल 2008 के निर्देश के अनुरूप समय सीमा में मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया।

वहीं छत्तीसगढ हाई कोर्ट और छत्तीसगढ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर अटल नगर जिला रायपुर के पत्र का हवाला देकर मामले को मुख्य नगरपपालिका अधिकारी ने 9 अप्रल 2021 की प्रसीडेंट इन कौंसिल की बैठक में रखा जिसमें विधिक सलाहकार से अभिमत लेने का प्रस्ताव पास किया गया हैँ।
कलेक्टर कार्यालय में 11 अगस्त 2021 को सौंपे पत्र में शिकायतकर्ता ने बताया है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के वाद क्रमांक डब्ल्यू पीएस नंबर 645 / 2021 में पारित आदेश की आदेश की गलत व्याख्या कर तीन सविदा श्रमिकों को नियमित नियुक्ति देने के प्रयास किए जा रहे हैं। दस्तावेजों के आधार पर ठेका श्रमिकों को दैवेभो कर्मचारी निरुपित कर नियमितीकरण का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।


नियमितीकरण के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्र. 12-1/2007/ 1-3 दिनाँक 05. 03. 2008 के अनुसार 01.01.1989 से दिनाँक 31. 12. 1997 की अवधि में नियुक्त दैवेभो/ तदर्थ कर्मचारियों को ही नियमितीकरण की पात्रता होने का उल्लेख है। शिकायतकर्ता ने तीनों श्रमिकों याचिकाकर्ताओं की भर्ती 2007 में निकाय में बतौर ठेका श्रमिक के रूप में होने का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है ।
गौरतलब हो कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी पर चांवल की अफरातफरी में आरोपी अध्यक्ष का सहयोग, सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से अभद्रता कर धमकाने, ब्लॉक काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पार्षद के साथ नागरिकों के साथ अभद्रता करने के गंभीर आरोप लग चुके है।

पात्र नहीं तो करें अभ्यावेदन निरस्त

के आर मिश्रा संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय दाऊ कल्याण सिंह भवन रायपुर का पत्र क्रमांक एफ 7-2/2011/1-3 रायपुर दिनांक 24 सितम्बर 2011 में भी उल्लेखित है कि “अगर वादी सक्षम अधिकारी के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है तो उक्त अधिकारी पूर्ण विचारोपरांत केवल नियमों / शासकीय निर्देश के अनुसार ही प्रकरण निराकृत करें. तथा पूर्ण /सकारण आदेश पारित करें. सक्षम अधिकारी अपने आदेश में संबंधित नियम तथा निर्देश की चर्चा भी करें.
उच्च आदेश द्वारा पारित आदेश का अर्थ कतई नहीं है कि आवेदन कर्ता की प्रार्थना/मांग को विचार किए नियम विरुद्ध स्वीकार किया जाए. आवेदन का निराकरण केवल विधि अनुसार करें. अगर आवेदन कर्ता नियमानुसार पात्र नहीं है तो अभ्यावेदन सकारण निरस्त कर सकते हैं. अभ्यावेदन निरस्त करने से न्यायालय की अवमानना नहीं होती पारित आदेश की सूचना अपने उच्च अधिकारियों को एवं महाधिवक्ता कार्यालय को भी देवें.