कृषि विश्वविद्यालय में चार दिवसीय सांस्कृति युवा महोत्सव ‘‘मड़ई 2024’’ शुरू

रायपुर। भारतीय संस्कृति विश्व में सर्वश्रेष्ठ है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में मड़ई जैसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बात मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर ने कही।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में चार दिवसीय 30वें अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2024’’ का रंगा-रंग शुभारंभ हुआ। इसकी शुरूआत सांस्कृतिक शोभायात्रा से हुई जिसमें प्रदेश भर के कृषि महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोक संस्कृति, लोक पर्व, स्थानीय रीति-रिवाज, पर्यटन स्थलों की झांकी प्रस्तुत की। पारंपरिक परिधानों में सांस्कृतिक दलों ने कर्मा, पंथी नृत्य, राऊत नाचा, सरगुजिहा नृत्य, मुड़िया नृत्य, जवारा नृत्य, गौरी-गौरा आदि लोक गीतों व लोक नृत्यों की छटा बिखेरी।

शोभा यात्रा में बस्त दशहरा, अक्ती तिहार, शिव बारात, शिव तांडव, महिषासुर मर्दन, घांसीदास जयंती आदि पर केन्द्रित झांकियों का प्रदर्शन किया। इनमें पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नारी सशक्तिकरण, सुपोषण, कृषि संपदा विकास, प्रौद्योगिकी विकास आदि का संदेश भी दिया। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। चार दिवसीय युवा महोत्सव में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं। समारोह का शुभारंभ भूमिका साहू के राज गीत ‘अरपा पैरी के धार’ की प्रस्तुति से हुआ। शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय जगदलपुर के छात्र-छात्राओं ने बस्तर की आदिवासी संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण दिया।  सचिव डॉ. बी.पी. कतलम ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, प्रोफेसर , छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

22 को होगा समापन

चार दिवसीय युवा सांस्कृतिक महोत्सव मड़ई 2024 के दौरान कला संस्कृति, एकल अभिनय, तात्कालिक भाषण, ऑन दी स्पॉट पेंटिंग, एकांकी, समूह गायन, कोलाज मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 21 दिसम्बर को सुबह 09 बजे से मूक अभिनय, भाषण, लघु नाटिका, वाद-विवाद, रंगोली, पोस्टर मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, एकांकी, देश भक्ति गीत गायन, पश्चिमी एकल गीत गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 03 बजे से लघु नाटिका, वाद-विवाद, मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसम्बर को प्रातः 09 बजे से लघु नाटिका, तात्कालिक भाषण, लोक एवं आदिवासी नृत्य तथा पाश्चात्य समूह गीत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 22 दिसम्बर को अपरान्ह 04 बजे अंतर महाविद्यालयीन युवा महोत्सव ‘‘मड़ई-2024’’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जाएगा।