इश्तेहार जारी होने के बाद नामांतरण हो गया एक पेशी में
रतनपुर। इश्तेहार जारी होने के बाद पहली पेशी के सप्ताह भर में ही आनलाइन जमीन के दस्तावेज क्रेता के नाम पर दिखने लगे। कानून की गति से काम हो जाए। इस पर कोई भरोसा नहीं करेगा। ये संभव हुआ है और वो खुश किस्मत है पड़ोस के कोरबा जिले का निवासी लखन लाल देवांगन जिसके रसूखदार बेटा रजनीश कुमार देवांगन की खरीदी गई जमीन का नामांतरण रतनपुर तहसील में हुआ है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की बैठक में छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरपोरेशन को डोंगरगढ़-कबीरधाम-मुंगेली-कटघोरा रेलमार्ग हेतु भू-अर्जन व प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए 300 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृत। इसके साथ ही भू-माफियाओं के भी सपनों को पंख लग गए हैं। शहर से नेशनल हाइवे 130 भी गुजरा है। अब प्रस्तावित रेलवे लाइन और एन एच के बीच की रतनपुर के किसानों की जमीन बेशकीमती हो गई है। इन बेशकीमती जमीनों पर पर अब भू माफियाओं की गिद्ध नजर लग गई है। भू माफियाओं के कारिंदे घर घर जाकर किसानों को जमीन बेचने उकसा रहे हैं। कई जमीनों के सौदे भी तय हो जाने के चर्चे हैं। सर्वाधिक चर्चा पड़ोस के कोरबा जिले के लखन लाल देवांगन के रसूखदार बेटा रजनीश कुमार देवांगन का है। जिसके नाम पर हाल ही में एनएच 130 से लगी बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री हुई है। रजिस्ट्री के बाद कानून की गति से एक ही महीने में इस जमीन का नामांतरण कर दिया गया है। आवेदन के बाद ईश्तेहार जारी होने के अगले पेशी तिथि पर ही तत्कालीन तहसीलदार आकाश गुप्ता ने क्रेता के नाम जमीन का नामांतरण करने आदेश जारी कर दिया गया। फिर सप्ताह भर में ही जमीन के दस्तावेज आनलाइन भी क्रेता के नाम पर दिखने लगे। वहीं इसी रतनपुर तहसील में सिस्टम के शिकार लोग महीनों से नामांतरण की बाट जोह रहे हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के बाद संभव है रतनपुर तहसील का ये पहला प्रकरण होगा जिसमें तहसीलदार ने कानून की गति से काम किया है।
तहसीलदार को मिलने चाहिए तमगे
रतनपुर तहसील में पदस्थापना के दौरान तहसीलदार आकाश गुप्ता ने रजिस्ट्रर्ड खरीदी के ऐसे कितने प्रकरण में आवेदन पंजीकरण के बाद पहली पेशी में ही क्रेता के नाम पर जमीन का नामांतरण करने आदेश जारी किया गया है इसकी जांच कर कर्तव्य परायण तहसीलदार को तमगे तो देने ही चाहिए। फिलहाल तहसीलदार आकाश गुप्ता सकरी तहसील में पदस्थ हैं।
