बीटीसी कृषि महाविद्यालय की ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम
बिलासपुर । बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बिलासपुर, कृषि महाविद्यालय लोरमी के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम नवगवां, चुमकवा व मोहतराई में किसानों को कृषि के विभिन्न तकनीकों व नवाचारों से अवगत कराया। प्रशिक्षण, समूह चर्चा, प्रदर्शन कर तकनीको से अवगत कराया।
सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण समुदायों के लोग समस्याओं और संभावनाओं की पहचान कर ग्रामीण विकास के लिए योजनाएं बना कर क्रियान्वित करते हैं। छात्र- छात्राएँ गाँव के मानचित्र जिसमें समय अनुसार ग्राम में हुए कार्य विद्यालय, पंचायत, अतिवृष्टि, गांव में उपलब्ध संसाधन पशुधन, पोल्ट्री, प्रत्येक मौसम में किए जाने वाले कृषि संबंधित कार्य, ग्रामवासियों का बाहरी समुदाय से संबंध व दूसरे शहर किसी कार्य हेतु जाना, प्राचीन समय से हुए बदलाव जैसे विभिन्न किस्मों की फसल, कृषि अभियांत्रिकी की उपलब्धता, निवासों की संख्या में वृद्धि व कृषि भूमि पर विकास कार्य, जनसंख्या दर, शिक्षा दर में बदलाव, विभिन्न मुद्दे जैसे गरीबी, अशिक्षा, बेरोजगारी, आदि के कारक व उनसे होने वाले प्रभाव इत्यादि के बारे में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से मानचित्र बनाकर समझा व समझाया। इसमें शासकीय विद्यालय नवगवां व पंचायत भवन, मोहतराई में ग्रामवासियों का सहयोग मिला।

कार्यक्रम से छात्र को ग्रामीण परिवेश से रूबरू होने, गांव के बारे में जानकारी एवं ग्रामवासियों को भी अपने ग्राम को निकटतम से जानने का मौका मिला। रावे समन्वयक डॉ. साहू ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता डॉ.आर. के. एस. तिवारी वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.के. एस. तोमर सहित ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
