पाटन। वानिकी महाविधालय एवं अनुसंधान केंद्र संकरा पाटन दुर्ग में ” वानिकी कार्य अनुभव” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम वानिकी चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए है। विद्यार्थी 50 दिन तक वन परिक्षेत्र, 20 दिन  तक वानिकी से आधारित औद्योगिक क्षेत्र, 8 दिन तक वन जीव से संबंधित हथियार प्रशिक्षण, प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, 20 दिन तक गांव में जाकर सामाजिक तथा आर्थिक सर्वे करेंगे।
” वानिकी कार्य अनुभव” का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वानिकी तथा उससे संबंधित विषयों का ज्ञान प्रदान कराना हैं। कार्य क्षेत्र में जाकर अनुभव प्रदान करना हैं। जहां विद्यार्थी 120 दिनों तक अलग अलग क्षेत्रों में जाकर अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्य अतिथि अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित ने बताया “वानिकी कार्य अनुभव”  विद्यार्थियों के लिए आवश्यक हैं। यह विद्यार्थियों की कार्य सीमा को बढ़ती हैं। वानिकी के क्षेत्र में नई नई जानकारियां हासिल करने में मदद करती हैं। डॉ दीक्षित ने  वानिकी क्षेत्र में कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम में  राजेश कुमार, डॉ दामिनी शर्मा, डॉ यामिनी बघेल, डॉ हरिश्चंद्र दर्रो, डॉ मैक्सुडन, डॉ हिमांशु पटेल,  सागर तिवारी सहित चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी उपस्थित थे।