श्रद्धालुओं के लिए भात दाल के साथ रोटियों का भी विकल्प

रतनपुर। यूं तो मां महामाया देवी मंदिर स्थित भोग शाला हर रोज हजारों श्रद्धालु भात दाल साग का सात्विक भोजन करते हैं। वहीं इस साल इसमें नई सेवा जुड़ गई है। भोजन में अब दाल भात के साथ गेहूं की गर्मागरम फुल्की रोटी भी मिल रही है। राजकोट गुजरात से आई आटोमेटिक मशीन हर घंटे हजार रोटियां उगल रही है।

महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट द्वारा पुराना धर्म शाला स्थिति भोग शाला में श्रद्धालुओं के लिए हर रोज भात, दाल और सब्जी किफायती कीमत पर उपलब्ध कराई जाती है। वहीं नवरात्र पर दिन और रात में निःशुल्क सात्विक भोजन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को भरपेट भोजन का परोसा जाता है। हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु भोजन करते हैं। वहीं स्वास्थ्य गत कारणों से भात नहीं खा पाने वाले इस सेवा से वंचित रह जाते थे। ऐसे ही श्रद्धालुओं को भी परभेट भोजन मिले इसके लिए महामाया देवी मंदिर ट्रस्ट ने राजकोट गुजरात से एक ऐसी मशीन मंगाई है, जिससे हर घंटे हजार गर्मागरम फुल्की रोटियां निकल रही है।

दो अलग-अलग हिस्से के पूरी तरह आटो मेटिक मशीन में जहां गेहूं के आटे की गुथाई हो जाती है, वहीं कंम्प्रेसर मशीन से कटकर लोई निकल आती है। जिसे मशीन के छेद पर डाला जाता है जहां गैस की आग की आंच में तपकर गेहूं की गर्मागरम फुल्की रोटी निकल आती है। बिजली और गैस से संचालित इस मशीन में हर घंटे गर्मागरम फुल्की रोटियां निकल रही है। जिसे श्रद्धालुओं को परोसा जा रहा है।