5 फ़ीसदी की तेजी, फिर भी डिमांड जोरदार



बिलासपुर।  वर्क लगी मिठाईयों की कीमत में तेजी के संकेत मिलने लगे हैं क्योंकि मिठाईयों के लिए   सिल्वर वर्क बनाने वाली इकाइयों ने प्रति पैकेट दाम 5 फ़ीसदी बढ़ा दिए हैं।

ऐसी मिठाइयां, जिनमें चांदी का वर्क लगा होता है, इस दीप पर्व पर महंगी दर पर मिलेंगी। स्वीट कॉर्नरों को पहली बार चौतरफा तेजी का सामना करते देखा जा रहा है। पहले खोवा, फिर बेसन और अंत में शुद्ध घी और खाद्य तेल महंगे हुए। अब बारी है चांदी के वर्क की, जिसमें 5 फ़ीसदी की तेजी आ चुकी है।

चांदी वर्क में निकली डिमांड

रिकॉर्ड फसल की संभावना। बेहतर रहेगी मिठाइयों में मांग। इस धारणा के मद्देनजर स्वीट कार्नरों ने तैयारियां चालू कर दी है। खोवा और बेसन के साथ शुद्ध घी और खाद्य तेल की ऊंची कीमत पर खरीदी के बाद अब सिल्वर वर्क में मांग ने दस्तक दे दी है। 5% तेजी के बाद 25 नग वाला सिल्वर वर्क का पैकेट 30 से 60 रुपए जैसी ऊंची कीमत पर पहुंचा हुआ है, तो 100 नग वाले चांदी के वर्क के पैकेट में नई कीमत 400 से 600 रुपए बोली जा रही है‌।

मांग इनकी भी

रक्षाबंधन और दीपावली। क्रमशः दो और पांच दिवस की मांग वाले माने जाते हैं। खुली और पैक्ड मिठाई बनाने और बेचने वालों के बीच प्रतिस्पर्धा इस कदर बढ़ी हुई हैं कि लगभग पराजित मानी जा चुकी हैं खुली मिठाइयां। इसके बावजूद चांदी के वर्क में इनकी मांग जोरदार है लेकिन पैक्ड मिठाईयां बनाने वाली इकाइयों की मांग चांदी के वर्क में दोगुनी बताई जा रही है क्योंकि यह क्षेत्र मिठाइयों की लगभग हर किस्म में इसका उपयोग कर रहा है।

काजू कतली में सबसे ज्यादा

ओपन स्वीट बनाने और बेचने वाली संस्थानें सबसे ज्यादा सिल्वर वर्क का उपयोग काजू कतली में करतीं हैं। काजू रोल, बर्फी और कलाकंद में भी लगाए जाते हैं। बेसन की चुनिंदा मिठाइयों और बेसन के लड्डू में भी नजर आने लगा है चांदी का वर्क। नया चलन बूंदी के लड्डू में देखा जा रहा है। ऐसे में ओपन स्वीट कार्नरों की भी डिमांड सिल्वर वर्क में देखी जा रही है। यानी मध्यम आय वर्ग के मिठाई उपभोक्ताओं को भी खरीदी महंगे में करनी होगी।