महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला संपंन

दुर्ग। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा में ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म (मिश्रित शिक्षा प्रणाली) विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

मुख्य अतिथि डॉ. के.पी. यादव कुलपति मैट्स विश्वविद्यालय, रायपुर रहे अध्यक्षता महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलपति डॉ. आर.एस. कुरील ने की। मुख्य अतिथि डॉ. के.पी. यादव ने वर्तमान परिवेश में ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म की शिक्षा में उपयोगिता पर प्रकाश डाला। डॉ. आर.एस. कुरील ने बताया गया ‘‘मिश्रित प्रणाली शिक्षा’’ विद्यार्थियों को एक नई शिक्षा दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिसमें शिक्षा में और ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से पठन-पाठन कार्य का संयोजन होता है। यह एक गुणवत्ताभरी शिक्षा कार्यक्रम प्रणाली के रूप में छात्रों के बीच गुणात्मक सुधार की संभावना को बढ़ावा देता है।

मुख्य वक्ता वैज्ञानिक डॉ. अलका अरोड़ा ने बताया कार्यशाला में छह प्रकार की शिक्षा विधाएँ शामिल हैं, जिसमें रूबरू संचालन, नियमित आवर्तन फ्लेक्स, प्रयोगशाला, स्वतंत्र ब्लेंडेड और ऑनलाइन संचालन शामिल हैं। इसके माध्यम से अध्यापक और छात्रों के बीच संवाद बेहतर हो रहा है और डिजिटल उपकरणों का सही उपयोग हो रहा है। कार्यशाला का समापन मुख्य अतिथि डॉ. एस.एस शॉ, तकनीकी सलाहकार व डॉ. अमित दीक्षित, अधिष्ठाता छात्र कल्याण के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. शॉ ने वर्तमान परिवेश में ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म की शिक्षा, कृषि विश्वविद्यालय सें महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के इतिहास, शैक्षणिक परिनियमों की जानकारी दी।

दो दिवसीय कार्यशाला में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के सहायक प्राध्यापकों को मुख्य प्रशिक्षक बनाने के लिये ब्लेंडेड लर्निंग प्लेटफॉर्म से सम्बन्धित कौशल प्रशिक्षण, भारतीय कृषि सांख्यिकी शोध संस्थान, नई दिल्ली के प्रशान्त यादव, आई.टी. विशेषज्ञ ने दिया। कार्यशाला का संचालन डॉ. पी.के. तिवारी ने किया।कार्यशाला में शामिल अधिकारी, 15 उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, सहायक प्राध्यापकों को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया गया।

By MIG