खतरे में सब्जी फसलें

बिलासपुर। होगा प्रकोप माहो और फंगस का। बचाव का उपाय फौरन करना होगा, नहीं तो सब्जी फसलों को भारी नुकसान होगा। ऐसी ही स्थिति भाजी की भी होने की प्रबल आशंका है।

तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद सब्जी उत्पादक किसानों में अब चिंता देखी जाने लगी है। ऐसे में सब्जी वैज्ञानिकों ने कीट प्रकोप की आशंका को देखते हुए कुछ जरूरी उपाय की तैयारी करने की सलाह दी है, जिनसे नुकसान काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

मौका देख रहा माहो

धान ही नहीं, सब्जी फसलों के लिए भी माहो को खतरनाक कीट माना जाता है । आबादी बढ़ाने के साथ प्रकोप को तेजी से विस्तार देने वाला यह कीट, इस समय सक्रिय नजर आ रहा है। सब्जी फसल की हर उम्र में आसान पहुंच की भी क्षमता रखता है माहो।
प्रकोप की पहचान ऐसे
पौधों को हिलाने पर यह कीट, गिरते हुए नजर आते हैं। पहचान का यह तरीका बेहद आसान है। बचाव के उपाय फौरन नहीं किए जाने पर, पूरी फसल को नष्ट कर देता है यह कीट।

कई प्रकार के फंगस

पत्ती मोड़क, रस चूसक। फंगस की यह प्रजातियां सब्जी फसलों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। कई और फंगस भी हैं, जो पत्तियों के रास्ते तने के भीतर पहुंचते हैं। प्रवेश के बाद पौधों के सूक्ष्म पोषक तत्व खींचते हैं। यह प्रक्रिया पौधों के खत्म होने तक चलती है।
प्रकोप की पहचान ऐसे
फंगस के प्रकोप की पहचान आसानी से की जा सकती है। पत्तियों का मुड़ना और मुरझा जाना, कीट प्रकोप होने और फैलाव लेने का संकेत देता है।

संकट इन फसलों पर

वैसे तो सब्जी की हर प्रजाति पर प्रतिकूल मौसम का असर तय है लेकिन टमाटर, मिर्च, गोभी की तीनों प्रजातियां, बैगन, भिंडी, सेमी, बरबट्टी, करेला और कुंदरु के साथ परवल की फसल के खराब होने की आशंका है। भाजी फसलों पर भी यह कीट प्रकोप देखा जा सकेगा। फौरी उपाय के तहत फिलहाल जल निकास नालियों को चुस्त रखें ताकि जल निकासी की व्यवस्था आसान बनी रहे।

बारिश और तापमान को देखते हुए माहो व फंगस का प्रकोप होने की आशंका है। फसलों की निगरानी बढ़ाएं और कीटनाशक का मानक मात्रा में छिड़काव करें।

  • डॉ अमित दीक्षित, डीन, महात्मा गांधी वानिकी एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा, दुर्ग

By MIG