बचेगा समय, कम होगा खर्च
बलौदाबाजार। अब किसान, ड्रोन की मदद से बीज का छिड़काव भी कर सकेंगे। इससे बोनी पर लगने वाला खर्च कम किया जा सकेगा, तो समय की भी बचत की जा सकेगी। जिले में दो ड्रोन और चार प्रदर्शन के जरिए यह जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाने लगी है।
कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव के बाद बोनी के लिए भी ड्रोन के उपयोग किए जाने की जानकारी विभाग द्वारा दी जा रही है। इतना ही नहीं, ड्रोन पायलट के लिए प्रशिक्षण दिए जाने की योजना भी बनाई जा चुकी है। फिलहाल जिले में तीन महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिनके माध्यम से नई सुविधा की जानकारी किसानों तक पहुंचने लगी है।

कम लागत से शीघ्र काम
बोनी, तैयार हो रही फसल पर नजर। खरपतवार और कीट प्रकोप जैसी समस्या से छुटकारा के बाद उर्वरक छिड़काव के लिए ड्रोन की उपयोगिता तो देखी ही जा रही है। अब बोनी में भी ऐसे ड्रोन काम आएंगे। ज्यादा क्षमता वाले ड्रोन की मदद से 1 घंटे में 10 एकड़ भूमि में बोनी की जा सकेगी। याने समय पर बोनी अब संभव हो चली है। इतना ही नहीं, फसल अवशेष के अपघटन में भी यह ड्रोन किसानों की मदद करेगा।
इन फसलों के लिए विशेष
जो ड्रोन फिलहाल जिले में संचालन में हैं उन्हें धान, गेहूं, गन्ना, कपास और मक्का के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसके अलावा इस ड्रोन की मदद से मृदा का मानचित्र बनाया जा सकेगा और कीट व्याधि के फैलाव की गति भी मापी जा सकेगी। इससे समय पर प्रबंधन आसान होगा। अभी तक समय पर यह काम जल्द नहीं होने से किसानों को कीट प्रकोप से होने वाले नुकसान का सामना करना पड़ता था।

यह है किसान ड्रोन
मधुमक्खी की तरह उड़ने वाला किसान ड्रोन रिमोट के जरिए नियंत्रित किया जाता है। कृषि क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार यह ड्रोन, 5 भाग में वर्गीकृत किया गया है। 250 ग्राम से कम और इससे ज्यादा, 2 किलोग्राम से कम और 2 किलोग्राम से ज्यादा। 25 किलोग्राम से बड़ा और 150 किलोग्राम से ज्यादा भार वहन की क्षमता वाले यह ड्रोन कृषि क्षेत्र के लिए ही तैयार किए गए हैं। जिले में प्रथम चरण में इन्हें चलाने के लिए ग्राम लाहोद की निरूपा साहू, ग्राम तरेंगा की जिया यदु और सुहेला की मालती साहू को प्रशिक्षण के उपरांत ड्रोन पायलट की जिम्मेदारी दी गई है।
क्रांतिकारी परिवर्तन
विकसित भारत संकल्प यात्रा योजना के तहत दो ड्रोन के माध्यम से प्रतिदिन प्रदर्शन किया जा रहा हैं। साथ ही पीएम प्रमाण योजना के अंतर्गत जैव, जैविक व नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
- दीपक कुमार नायक, उप संचालक, कृषि, बलौदा बाजार
