ऐसे चल रहा स्ट्रीट एनीमल के खिलाफ अभियान
भाटापारा । ठीक है,स्ट्रीट एनीमल को पकड़ा जाना लेकिन बेहतर होता, अभियान के पहले चारा-पानी और छाया की पुख्ता व्यवस्था कर ली होती। यह बात इसलिए उठने लगी है क्योंकि पकड़े गए एनीमल के लिए ऐसे कोई इंतजाम नहीं किए जाने की जानकारी आ रही है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में वांछित सफलता और सहयोग नहीं मिलने की स्थिति के बाद पालिका प्रशासन की नजर, अब स्ट्रीट एनीमल पर है। माना जा रहा है कि इनकी वजह से यातायात बाधित हो रहा है और इनके बीच होने वाली लड़ाई से नागरिक चोटिल हो रहे हैं। इसलिए अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
यहां रखे जा रहे
सूमा भाठा मैदान। यह वह मैदानी क्षेत्र है, जहां शहर से पकड़े जाने वाले स्ट्रीट एनिमल्स छोड़े जा रहे हैं। बाड़ विहीन यह मैदान वैसे तो काफी बड़ा है लेकिन चारा-पानी और छांव की व्यवस्था नहीं किए जाने की जानकारियां मिल रहीं हैं। ऐसे में कितने दिवस, भूखे-प्यासे रह पाएंगे यह जानवर ? सवाल के जवाब, ना पालिका प्रशासन के पास है ना, जनप्रतिनिधियों के पास।
महज खाना-पूर्ति
अभियान में जैसी गंभीरता नजर आनी चाहिए वैसी दिखाई नहीं दे रही है। मवेशी पालक कौन हैं ? क्यों सड़क पर छोड़ दे रहे हैं ? जैसे सवालों के साथ, योजना पर काम किए जाने की जरूरत थी, जिस पर अभी भी गंभीर नहीं है पालिका प्रशासन। ऐसे में अभियान को महज खानापूर्ति ही माना जा रहा है। ठीक, अतिक्रमण हटाओ अभियान की ही तरह।
यहां खूब
कृषि उपज मंडी क्षेत्र। मारवाड़ी कुंआ मार्ग और हटरी बाजार। यह तीन ऐसी जगह हैं, जहां स्ट्रीट एनिमल खूब नजर आते हैं। आवाजाही भी इन्हीं क्षेत्रों में सबसे ज्यादा होती है। अतिक्रमण भी खूब हैं लेकिन अभियान में वांछित सफलता नहीं मिलने के बाद, अब नजर स्ट्रीट एनिमल की ओर है। देखना यह है कि आधी-अधूरी तैयारी के बीच इसमें कितनी सफलता मिलती है ?
