नागरिकों सूचना देने नहीं कराई मुनादी

रतनपुर में राजस्व पखवाड़ा का पहला दिन

रतनपुर। प्रदेश सरकार की योजनाओं और दिशा निर्देशों को लेकर रतनपुर तहसील के अफसर कितने गंभीर और जिम्मेदार हैं इसकी पोल पहले ही दिन रतनपुर में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविर में ही खुल गई । कुर्सियां खाली रही, जिम्मेदार अफसर नदारद रहे, वहीं पटवारी अपने दस्तावेजों के साथ और नगरपालिका के प्लेसमेंट कर्मचारी शिविर की रखवाली करते नजर आएं। नागरिकों को राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविर की पहले से जानकारी देने मुनादी कराने की जहमत तक रतनपुर तहसील के अधिकारियों ने नहीं उठाई।

राजस्व पखवाड़ा के तहत राजस्व और शासन की योजनाओं से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए जिले में  01 फरवरी से 15 फरवरी तक राजस्व पखवाड़ा आयोजित किये जाने के संबंध में कार्यालय कलेक्टर (भू-अभिलेख शाखा) बिलासपुर छत्तीसगढ़ ने 24 जनवरी को ही अनुविभागीय अधिकारी (रा०) बिलासपुर/बिल्हा/मस्तूरी/कोटा/तखतपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा/मस्तूरी/कोटा/तखतपुर के साथ सर्व विभाग प्रमुखों को ज्ञापन जारी कर दिया था । कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी ज्ञापन में जिले में राजस्व एवं अन्य विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रकरणों के निराकरण के लिए 01 फरवरी से 15 फरवरी तक राजस्व पखवाड़ा आयोजित होने और  उसमें राजस्व विभाग एवं अन्य विभाग के मैदानी अधिकारी, कर्मचारी को उपस्थित रहकर आगंतुक से प्राप्त आवेदन अनुसार निराकरण करने व अपने विभागीय योजनाओं की जानकारी देने की बात कहीं है।

वहीं सप्ताह भर पहले से जारी कलेक्टर के फरमान को कूड़े दान में फेंक रतनपुर तहसील और नगरपालिका परिषद के अफसरों ने शिविर में उपस्थित रहना तक उचित नहीं समझा । जानकारी नहीं मिलने की वजह से नागरिक शिविर का फायदा लेने से वंचित हो गए । कुर्सियां खाली रही, पटवारी राजस्व अभिलेखों के साथ और नगरपालिका के प्लेसमेंट कर्मचारी  आगंतुकों की सूचना दर्ज कर शिविर की रखवाली करते नजर आएं. दोपहर 2.45 बजे के करीब हमारी टीम शिविर में पहुंची तब मंच पर सजी कुर्सियां जिम्मेदार अफसरों का इंतजार कर रही थी।

मंच के एक ओर रतनपुर हल्का के पटवारी भू अभिलेखों के साथ लाभार्थियों की राह तकते रहे। इनके पास रखे रजिस्टर में सोलह आगंतुकों उपस्थिति दर्ज थी, वहीं  दूसरी ओर उनके सामने दूसरी ओर नगरपालिका के प्लेसमेंट कर्मचारी अपने अफसरों के राह तकते रहे थे। उनके पास रखे रजिस्टर में तीन आगंतुकों के नाम दर्ज थे। ऐसे में समझा जा सकता है कि कलेक्टर के फरमान की रतनपुर तहसील, नगरपालिका के साथ विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अफसरों की नजर में हैसियत क्या है। जो हो इसका खामियाजा नुकसान तो व्यवस्था से  परेशान नागरिकों का ही हुआ ।

इन समस्याओं का होना है समाधान
1. बी-1 का पठन
2. अविवादित नामांतरण
3. अविवादित बंटवारा
4. अभिलेख अद्यतीकरण
5. त्रुटि सुधार संबंधी अभिलेख सुधार
6. नक्शा बटांकन
7. सीमांकन
8. व्यपवर्तन
9. वृक्ष कटाई की अनुमति
10. जाति, निवास एवं आमदनी प्रमाण पत्र
11. राजस्व संबंधित अन्य कार्य
12. आधार कार्ड
13. राशन कार्ड
14. आयुष्मान कार्ड
15. पेंशन योजनाएं
16. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
17. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण / शहरी)
18. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
19. वन अधिकार मान्यता पत्र व्यक्तिगत / सामुदायिक वन अधिकार पत्र
20. नोनी सुरक्षा योजना
21. अन्य विभागीय योजना।
22. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

By MIG