उपभोक्ता मांग में 20 फ़ीसदी की बड़ी गिरावट



भाटापारा। भीषण गर्मी। उम्मीद थी बर्फ में बेहतर मांग की लेकिन यह अब टूटती नजर आ रही है क्योंकि शहरी उपभोक्ता मांग में 20% की गिरावट आ चुकी है। अलबत्ता ग्रामीण बाजार राहत दे रहा है। जहां साप्ताहिक बाजार से डिमांड निकल रही है।

तापमान का रोज बनता नया कीर्तिमान बर्फ बाजार के भी पसीने छुड़ा रहा है क्योंकि अपेक्षित मांग नहीं निकल पा रही है। परंपरागत उपभोक्ताओं में केवल गन्ना जूस सेंटर से ही डिमांड है लेकिन लस्सी और अन्य जूस सेंटर की उदासीन खरीदी से बर्फ का बाजार अब हताश हो चला है। यही वजह है कि बर्फ की कीमत लगभग जस-की-तस बनी हुई है।

20 फ़ीसदी टूट इसलिए

बर्फ उत्पादन करने वाली ईकाइयों का बेहतर मांग का अनुमान इस बार 20 फ़ीसदी टूट चुका है। यह इसलिए क्योंकि शहरी उपभोक्ता क्षेत्र बर्फ की बजाए रेफ्रिजरेटर पर ज्यादा निर्भर हो चला है। सेहत को लेकर आई जागरूकता भी बर्फ में कमजोर मांग की बड़ी वजह मानी जा रही है। इसलिए घरेलू मांग बेहद कमजोर हो चली है।

केवल यह क्षेत्र

ग्रामीण हो या शहरी उपभोक्ता। बर्फ में मांग फिलहाल गन्ना जूस एवं चुस्की सेंटर से निकल रही है। थोड़ी बहुत मांग कुल्फी बनाने वाला क्षेत्र कर रहा है लेकिन लस्सी और फल जूस सेंटर की मांग लगभग शून्य ही है। इसलिए बर्फ कारखाने और होलसेल काउंटर अपेक्षित मांग का अब भी इंतजार कर रहा है।

ऐसा है बर्फ का बाजार

जिले में बर्फ की औसतन मांग रोजाना की लगभग 30 टन के आसपास रहती आई है। इस बार यह 20 टन के करीब ही स्थिर है। इसलिए उम्मीद से कम भाव बोले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 400 रुपए में 120 किलो का क्यूब खुले बाजार में उपलब्ध हो रहा है। रिटेल मार्केट इसे 4 रुपए 50 पैसे से 5 रुपए किलो की दर पर बेच रहा है।