कोर्ट ने एसपी को दिया एसआई के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के निर्देश
बलरामपुर जिले के बलंगी पुलिस चौकी का है मामला
रामानुजगंज। दो साल पहले हत्या के मामले की विवेचना में एसआई ने घोर लापरवाही बरती। इसका नतीजा यह हुआ कि हत्या के आरोपी प्रेमी युगल को संदेह का लाभ मिल गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को रिहा कर पुलिस अधीक्षक को विवेचक एसआई के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का फैसला सुनाया है।
मिला जानकारी के मुताबिक 28 मार्च 2021 को बलरामपुर जिले के बलंगी चौकी अंतर्गत ग्राम हरदीबहरा निवासी 50 वर्षीय गुलबसिया साप्ताहिक बाजार गई थी। रातभर घर नहीं लौटी, उसका शव अगले दिन माटीखड़िया जंगल में खून से लथपथ मिला था। उसके सिर को पत्थर पटककर कुचल दिया गया था। घटना की सूचना पर बलंगी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया ही मामला हत्या का प्रतीक होने पर हत्या का अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना चौकी में पदस्थ एसआई अमित गुप्ता ने शुरू की । जांच में खुलासा हुआ कि गांव के ही आरोपी अभिषेक यादव का मृतिका की बहू सविता यादव से प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी गुलबसिया को हो गई थी। उनका राज फास न हो इसलिए दोनों आरोपियों ने गुलबसिया के सिर पर पत्थर पटककर हत्या कर दी थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने धारा 302 व 120बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र के साथ क्षप्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने साक्षियों के कथन लेखबद्ध किए गए। मामले सुनवाई पूरी होने के बाद रामानुजगंज न्यायालय के सत्र न्यायाधीश सिराजुददीन कुरैशी ने प्रकरण में 17 अप्रैल को निर्णय सुनाते हुए विवेचक उप निरीक्षक अमित गुप्ता द्वारा विवेचना में घोर लापरवाही बरतने के आधार पर आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। जज ने आरोपियों को दोषमुक्त करने के साथ ही विवेचनाधिकारी की लापरवाही के संबंध में पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
