शासन के निर्देश पर कोविड हॉस्पिटल के चयनित लिस्ट से हटे

बिलासपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पतालों में संचालित हो रही कोविड हॉस्पिटलों का निरीक्षण किया। इसमे जरहाभाठा स्तिथ एसकेबी हॉस्पिटल और प्रताप टाकीज चौक स्तिथ केअर एंड क्योर हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमितों का मृत्यु दर ज्यादा पाया गया है। साथ ही इन दोनों अस्पताल से बड़ी संख्या में मरीजों को रेफर किया गया है। इन बड़ी कमियों को देखते हुए दोनों अस्पताल से कोरोना संक्रमितों के उपचार की अनुमति छीन ली गईं हैं।
मालूम हो कि कोविड संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ ही सरकारी अस्पताल कोविड मरीजों से भर गया था, ऐसे में शासन ने जिले के 10 असपतालो को कोविड मरीजों के उपचार की अनुमति दी। इसके बाद इन असपतालो में बड़ी संख्या में कोविड मरीजों का उपचार शुरू किया गया। तकरीबन तीन महीने बाद शासन स्तर पर जिले के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश मिला कि इन अस्पतालों के निरीक्षण करे। खासतौर से सात अस्पताल का लिस्ट भेजा गया। साथ ही कहा गया कि इन असपतालो का पूरी बारीकी से अवलोकन किया जाए। जब स्वास्थ्य विभाग की 6 सदस्यीय टीम डॉ मनीष श्रीवास्तव, डॉ केके वैष्णव, डॉ अनिल श्रीवास्तव, डॉ टार्जन आदिले, डॉ राजेश पटेल और डॉ अमित स्काट ने इन असपतालो का निरीक्षण किया तो पाया कि जरहाभाठा स्तिथ एसकेबी अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के मौत का प्रतिशत सबसे अधिक है। यहां पहुचने वाले 18 प्रतिशत मरीज की मौत हो जा रही है। इसके अलावा मरीजों के रेफर करने के मामले भी ज्यादा मिले हैं। इसी तरह प्रताप टाकीज चौक स्तिथ केअर एंड क्योर अस्पताल में मौत का प्रतिशत 14.5 पाया गया और रेफर मामले भी ज्यादा मिले हैं। निरीक्षण के बाद यह जानकारी शासन को भेजी गईं, तब तत्काल प्रभाव से इन दोनों अस्पताल से कोरोना संक्रमितों के उपचार की अनुमति वापस लेने का निर्देश दिया गया। अब ये दोनों अस्पताल कोविड संक्रमितों का उपचार नहीं कर सकेंगे।

0 इन सात अस्पताल पर थी शासन की नजर
शासन ने कोविड मरीजों के उपचार की अनुमति दे दी थी। लेकिन इन असपतालो पर बराबर नजर रखे हुई थी, शासन ने अपने लिस्ट में महादेव अस्पताल, अपोलो अस्पताल, आरबी अस्पताल, किम्स, एसकेवाय अस्पताल, एसकेबी अस्पताल और केयर एंड क्योर अस्पताल का नाम भेजा था, इन असपतालो को कई शिकायतें भी मिली थी। वही नारायणी, वासुदेव और श्री राम केयर अस्पताल को जांच के दायरे से बाहर रखा गया है।

प्रदेश भर में 10 अस्पताल से छीनी गई उपचार की अनुमति
प्रदेश स्तर पर हर जिले में निजी अस्पतालों को बनाये गए कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक प्रदेश के 10 असपतालो से कोविड मरीजों के उपचार की अनुमति वापस ली गई है। इसमे दुर्ग के पांच, रायपुर के तीन और बिलासपुर के 2 अस्पताल शामिल हैं।
0वर्जन
शासन ने कोरोना संक्रमितों का उपचार करने वाले 7 अस्पताल की लिस्ट भेजकर बारीकी से निरीक्षण करने का निर्देश दिया, इसी के तहत दो अस्पताल में कोविड मरीजों की मृत्यु दर ज्यादा मिली है। इसको देखते हुए दोनों अस्पताल से उपचार की अनुमति वापस ले ली गई है।
प्रमोद महाजन, सीएमएचओ, बिलासपुर