बिलासपुर। कोरोना के साथ- साथ बर्ड फ्लू ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है। जिले में इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। शासकीय कुटकुट पालन केंद्र कोनी में बर्ड फ्लू को लेकर सावधानी बरतते हुए लैब की टीम वहां पहुँच कर मुर्गियों और बत्तखों का ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए बर्ड लैब भेज दिया गया है। शासकीय कुटकुट पालन केंद्र कोनी के प्रभारी डॉ. आर.के. गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में बर्ड फ्लू के संकेत मिलते ही अलर्ट जारी कर दिया गया। कुटकुट पालन केंद्र के सभी केजों का निरीक्षण कर मुर्गियों की जांच की गई पशु चिकित्सा संचालक के निर्देशानुसार कार्य किया जा रहा है। प्रतिदिन केज की जांच करने के साथ ही मुर्गीयों की जांच की जा रही है। गौरतलब हो कि अब तक जिले में बर्ड फ्लू के एक भी केस नहीं मिला है। लेकिन, सावधानी बरतने के लिए अलर्ट जारी करने के साथ साथ लोगों को भी आगाह किया जा रहा है। डॉक्टरों की माने तो वर्तमान दिनों में चिकन व अंडे खाने से परहेज करें। बर्ड फ्लू के खतरे को कम आंकना बड़ी गलती साबित हो सकती है। पशुपालन विभाग ने जिले के पोल्ट्री फॉर्म संचालको को भी गाइडलाइन जारी किया है। साथ ही बर्ड पालन करने वाले को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं एवं अफवाहों से भी बचने की अपील की जा रही है। मालूम हो कि केरल में बर्ड फ्लू के एच 5एन 8 स्वरूप (स्ट्रेन) को नियंत्रित करने के लिए मुर्गे-मुर्गियों और बत्तखों को मारना शुरू कर दिया गया ऐसे में जिले में भी अलर्ट घोषित करते हुए सरकारी पोल्टी फार्म में पक्षियों के नमूने लेने शुरू कर दिए हैं।
-0 बाहरी लोगो का प्रवेश बंद
कोनी स्थित शासकीय कुटकुट पालन केंद्रों में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पोल्ट्री फार्म के संचालन करने वाले लोगो को ट्रेनिंग के साथ ही उन्हें पालने की ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही अंड़ो की हेचरिंग कर उससे चुजे निकालने का काम किया जाता है। लोगो को यहां से मुर्गीयों का विक्रय भी किया जाता है। चुजों की सप्लाई होती है। लेकिन बर्ड फ्लू के लिए अलर्ट जारी होते ही कोनो स्थित शासकीय कुटकुट पालन केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश में प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही कर्मचारियों को ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए गए है।
-0 संक्रमण से बचने 15०० पीपीई किट और सेनेटाइजर मांगा
कोनी के कुटकुट पालन केंद्र के प्रभारी ने बर्ड फ्लू को देखते हुए पशु चिकित्सा संचालक को पत्र लिख गाइडलाइन के पालन के लिए आवश्यक सामग्रियों की मांगी की है। जिसमें 15०० नए पीपीई किट, 1०० लीटर सेनेटाइजर, 5०० नग हैन्ड ग्लोब्स और 5०० नग मास्क की मांग की है। ताकि कुटकुट पालन में मुर्गी और बत्तखों के देख रेख करने वाले कर्मचारियों को बर्ड फ्लू के संक्रमण के प्रभाव से बचाया जा सकें।