काउंटर डिलीवरी से बढ़ रहा बाजार


बिलासपुर। बेखौफ होकर प्रतिबंधित जर्दा युक्त गुटखा बेच रहीं हैं पान की दुकानें। कार्रवाई का डर नहीं, इसलिए अब पहले की ही तरह प्रदर्शन करके यह बेचे जा रहें हैं।

बरस बीता। नया साल प्रतिबंधित गुटखा के लिए मानो वरदान बन कर आया है क्योंकि अब ऐसा गुटखा बाकायदा प्रदर्शन करके बेचा जा रहा है। जिन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी है या कार्रवाई में हिस्सेदारी निभाते हैं, उनके ही कार्यालय के आसपास यह बेचे व खरीदे जा रहे हैं। डर नहीं लगता कार्रवाई का, जैसे सवालों के जो जवाब सुनने को मिल रहे हैं, उससे कई सवाल उठने लगे हैं।

हौसले का प्रदर्शन

प्रतिबंध के बाद के कुछेक साल निरंतर खरीदी करने वाले दुकानों में दबे-छिपे तरीके से प्रतिबंधित गुटखा पहुंचता रहा। समय बीता। साल गुजरे। अब स्वरूप बदल चुका है। ना केवल उत्पादन हो रहा है बल्कि पहुंच भी आसान हुई है। हिम्मत की दाद देनी होगी क्योंकि बाकायदा काउंटर पर रखे डिब्बे या जार के साथ प्रदर्शन करके बेचा जाने लगा है।

यहां से इन जिलों तक

बलौदा बाजार और महासमुंद जिले से बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर और सक्ती जिले तक पहुंचने की खबर अब पुरानी होती नजर आ रही है। बड़ा ठिकाना या भंडारण की जगह का खुलासा ना हो इसलिए काउंटर डिलीवरी जैसा नया सिस्टम तैयार करने जैसी सुविधा से इस अवैध कारोबार को जोरदार गति मिल रही है।

फिलहाल दो ब्रांड

महामारी के दौर में निर्बाध आपूर्ति के जरिए सेवन करने वालों तक पहुंचने वाला दो ब्रांड खुले आम प्रदर्शन के माध्यम से बेचे जा रहे हैं। जर्दा के पाउच अलग से बेचे जाते हैं इसलिए अन्य ब्रांड की भी उपलब्धता आसान बनी हुई है। कीमत भले ही ज्यादा ली जा रही है, लेकिन मिल जा रहा है।


होगी सख्त कार्रवाई

जिलों में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
– डॉ आर के शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायपुर