रतनपुर थाना में जुआ खेलने के आरोपी को छोड़ने और लाखों रुपए के जुआ फड़ में सिर्फ एक लाख चालीस हजार रुपए की बरामदगी का मामला
रतनपुर. एफआईआर में बचाकर फोटो में सच का बेनामी चेहरा दिखाकर रतनपुर थाना पुलिस गंभीर सवालों में घिर गई है. छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 में शासकीय सेवकों के ऐसे कृत्य को अशोभनीय कहा गया है. अब देखना होगा कि रेंज और जिले का पुलिस प्रधान विभागीय जांच करा कर अशोभनीय कृत्य करने वालों को कानून का सबक पढ़ाएंगे.

एसीसी यूनिट के द्वारा रतनपुर थाना क्षेत्र के करैहापारा में पकड़े गए लाखों रुपए के जुएं में अनेक झोल के खुलासे हो रहे हैं. रतनपुर थाना पुलिस पर कुछ आरोपियों को संरक्षण देकर एफआईआर में उनका नाम ही दर्ज नही करने के आरोप लगे हैं. इस आरोप के सच होने की गवाही पुलिस द्वारा अखबारों को समाचारपत्र में प्रकाशित करने उपलब्ध कराई गई फोटो ही दे रहे हैं. रतनपुर थाने में पुलिस द्वारा बरामद कर जब्त राशि और मोबाईल के साथ आरोपियों की फोटो मोबाइल से पुलिस कर्मियों ने ही खींचें हैं. इसे समाचार के साथ प्रकाशित करने पुलिस ने ही उपलब्ध कराई गई. अखबारों में आरोपियों की फोटो भी प्रकाशित है. आरोपियों के बीच एक चेहरा ऐसा भी है जिसका नाम एफआईआर में दर्ज 13 नामों से मेल नहीं खाता. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर देर रात आरोपियों के बीच वो शख्स थाने में क्या कर रहा है. मान लें कि वो कुछ काम से थाने गया भी था तो वो आरोपियों के फोटो एंगल में अपना चेहरा छिपाते क्यों दिख रहा है. इसके लिए थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग का उपयोग भी जांच अधिकारी कर सकते हैं.

ऐसे होगी पुलिस द्वारा बख्श दिए आरोपी की पहचान
एफआईआर में दर्ज तहरीर के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 14 नग पुरानी इस्तेमाली स्क्रीन टच एन्ड्रायड मोबाईल के साथ मोटर साइकिल क्रमांक CG10NB2176, सुपर स्प्लेंडर क्रमांक CG10EK4195, होंडा साइन क्रमांक CG10AV0393, पेसन प्लस क्रमांक CG10EQ8502, एच एफ डिलक्स क्रमांक CG28M2429, पल्सर बजाज बीना नंबर प्लेट का, ज्युपिटर गोल्ड कलर का स्कुटी, .बीना नंबर प्लेट का हारनेट काला रंग का मोटर साइकिल, मो.सा.बजाज प्लेटिना क्रमांक CG10AM6312 को भी जब्त किया है. मामले की गंभीरता से जांच किया जाए तो जब्त बाइक में से किसी एक का संबंध प्रकाशित फोटो में चेहरा छिपाते उस पुलिस सरक्षित बेनाम चेहरे के साथ हो सकता है.
