घटेगी आवक, बढ़ेगी कीमत
बिलासपुर। लाल और पालक भाजी की खरीदी महंगे में करनी होगी। टमाटर, बैंगन और गोभी की कीमत क्रयशक्ति से बाहर जा सकती है। आने वाले दिन हरी सब्जियों की कमजोर आवक और तेज कीमत का संदेश लेकर आ रहे हैं क्योंकि सब्जी बाड़ियों में वर्षा जल का जमाव बढ़त की ओर है।
एक सप्ताह से हो रही बारिश से खरीफ की फसल में नुकसान की आशंका को बल मिल रहा है तो दोबारा बोने जैसी स्थितियां भी आने लगीं हैं। ऐसा ही खतरा सब्जी की खेती पर भी मंडराता नजर आ रहा है क्योंकि बारिश के बाद सब्जी बाड़ियों में वर्षा जल तेजी से बढ़ रहा है। नदी तट पर सब्जी की खेती की स्थिति कैसी होगी? यह पानी के उतरने के बाद ही जाना जा सकेगा। सब्जी वैज्ञानिकों ने ऐसे क्षेत्रों के किसानों को दोबारा बोनी के लिए तैयार रहने को कहा है।

यह क्षेत्र संकट में
नदी तट या बरसाती नालों के किनारे सब्जी फसलों पर सबसे ज्यादा असर उस वक्त दिखाई देगा, जब पानी का जमाव कम होगा। खेतों में सब्जी की फसल लेने वाले किसानों को भी बेतरह नुकसान होगा क्योंकि बहाव क्षेत्र से पानी की आवक बनी रहने की संभावना है। समतल भूमि संरचना वाले क्षेत्रों को वर्षा जल की निकासी की व्यवस्था फौरन करनी होगी।
इन फसलों पर नष्ट होने का खतरा
सब्जी वैज्ञानिकों के अनुसार भाजी की सभी प्रजातियां नष्ट हो सकतीं हैं लेकिन लाल और पालक भाजी को खत्म होने से रोका नहीं जा सकता। इसके अलावा टमाटर, बैंगन और गोभी की फसलें भी खतरे में आएंगी क्योंकि सब्जी की यह प्रजातियां अनवरत बारिश के प्रति सहनशील नहीं है। इसके साथ ही मेड़ों में भी लगी हुई सब्जी फसलों को भी नुकसान की आशंका बन रही है।

करें तैयारी दूसरी बोनी की
तटीय क्षेत्रों में सब्जी की खेती कर रहे किसानों से कहा जा रहा है कि दोबारा बोनी की अग्रिम तैयारी रखें क्योंकि स्थितियां और मौसम दूसरी बोनी के बने हुए हैं। फसल चयन में प्रजाति का ध्यान जरूर रखें। ऐसी फसलों की खेती करें, जो ऐसे मौसम में तैयार हो जाते हैं। इसका ध्यान नहीं रखा गया तो नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है।

घटेगी आवक, बढ़ेगी कीमत
सब्जी बाड़ियों की स्थिति की जैसी ख़बरें आ रहीं हैं, उसे देखते हुए आगामी पखवाड़े तक आवक और कीमत पर प्रतिकूल असर पड़ने के प्रबल आसार बन रहे हैं। यह कमजोर आवक और तेज कीमत के रूप में उपभोक्ताओं के सामने आ सकता है। खासकर बैंगन, गोभी, टमाटर और भाजियों की सभी प्रजातियों में यह सबसे ज्यादा देखने में आएगा।
करें तैयारी दोबारा बोनी की
सब्जी उत्पादक किसान पानी निकासी की व्यवस्था फौरन करें। दूसरी बोनी की तैयारी करते वक्त प्रजाति चयन में सावधानी रखें, तब ही नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।डॉ अमित दीक्षित, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय, पाटन
डॉ अमित दीक्षित, अधिष्ठाता, उद्यानिकी महाविद्यालय, पाटन
