निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज सेंटर शुरू कराने हेल्थ अफसरों मांगा सहयोग

निजी अस्पताल में काम कर रहें हेल्थ वर्करों को भी नि:शुल्क लगेगा बूस्टर डोज

बिलासपुर। जिले में कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहें है। ऐसे में अब वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने की आवश्यकता है। जिले के 41 हजार 788 हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर को कोरोना का तीसरा टीका बूस्टर डोज नहीं लग पाया है। स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से इन हेल्थ वर्करों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए बूस्टर डोज लगाना चाहती है। निजी अस्पताल सहयोग नहीं कर रहें है। गुरूवार को स्वास्थ्य विभाग के डॉ. टार्जन आदिले, डॉ.सौरभ शर्मा और प्रवीण शर्मा ने बिलासपुर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संदीप तिवारी से मुलाकात की। उन्होने आईएमए की तरफ से जिले के सभी निजी अस्पतालों के समक्ष यह प्रस्तावा रखा कि निजी अस्पतालों में काम कर रहे हेल्थ वर्करों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए अस्पताल में ही वैक्सीन सेंटर बनाए। जिले में 41 हजार 788 हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर है। जिसमें से 41 हजार 644 लोगों को कोरोना का दोनो डोज लग चूका है। इन्हें तीसरा टीका लगना है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग ही नि:शुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराएंगी। शासन ने हेल्थ, फ्रंट लाइन और 6० वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए तीसरा डोज नि:शुल्क रखा है। ऐसे में इसके बदले कोई शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। आईएमए अध्यक्ष ने जिले के सभी निजी अस्पताल संचालकों से चर्चा कर इस विषय में सहियोग करने के लिए बात करने की बात कही है।

जिले के 9 लाख से अधिक लोगों को लगना है बूस्टर डोज
हेल्थ और फ्रंट लाइन वर्कर के अलावा जिले के 18 से 59 वर्ष वाले 9 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का बूस्टर डोज लगाने का समय आ गया है। लेकिन निजी अस्पताल इसके लिए हेल्थ विभाग का सहियोग नहीं कर रहा है। क्योकि इस आयु वर्ग के लोगों को केवल निजी अस्पताल में ही 386 रूपए शुल्क लेकर बूस्टर डोज लगाने का निर्देश शासन ने दिया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने 4-4 बार निजी अस्पताल संचालकों को पत्र लिखा है। लेकिन कोई भी अपने अस्पताल में वैक्सीनेशन सेंटर बनाने के लिए तैयार नहीं है। इस विषय में भी आईएमए के अध्यक्ष से अफसरों ने चर्चा की है।