कानन पेंडारी में चल रही मोर का कुनबा बढ़ाने कवायद
बिलासपुर। कानन पेंडारी जू में पक्षियों को बचाने की कोशिश शुरू की गई है। पशु चिकित्सक पक्षियों के अंडों से चूजा निकालने का प्रयास कर दिया है। गुरूवार को हैचिग मशीन की सहायता से मोर के अंडे से एक बच्चा निकाला गया है।
कानन पेंडारी के पशुचिकित्सक डॉ.अजीत पांडेय ने बताया कि कुछ माह पहले कानन पेंडारी में हैचिंग मशीन मंगाई गई थी। इसमें ट्रायल के रूप में महाभर पहले मोर के 5 अंडे रखे गए हैं। निर्धारित तापमान में मशीन के अंदर इन अंडो को रखा गया है। अब इसमें से 1 अंड़े में से मोर का एक चूजा बाहर आ गया है। 4 अड़े मशीन में ही है। इसमें से 2 अंडे में और चुजा निकलने की संभावना है। डॉ. अजीत ने बताया कि मशीन में से चुजा निकाले के साथ ही इसका ट्रायल सफल हो गया अब संरक्षित पक्षियों के अंडो पर भी इनका प्रयोग किया जाएगा। उन्होने बताया कि इससे पहले मोर के अंडे से चुजा निकालने के लिए देसी मुर्गी की सहायता लेते थे। उसमें सफलता प्राप्त नहीं होती थी। मशीन की सहायत से इस बार एक माह के भीतर ही अंडे से मोर का चुजा बाहर आ गया है। अब कानन में मोर के अंडे से चुजा निकालने के लिए हैचिंग मशीन का ही सहायता लिया जाएगा। इससे जू में मोरों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।
30 से 32 दिन में निकलता है चुजा
कानन के पशु डॉ. अजीत पांडेय ने बताया कि जू में मोर की संख्या बढ़ नहीं पा रही है। ज्यादातर अंडे खराब हो जाते है या फिर फूट जाते हैं। मादा मोर इन्हें से नहीं पाती। ऐसे में अब कानन के मोर का दिया अंडा हैचिंग मशीन में रखकर उससे चूजा निकाला जाएगा। सामान्यता मुर्गी के अंडे से 28 से 30 दिन में चूजा निकलता है। वहीं मोर के अंडे में से 32 दिन में चूजा निकल जाता है। ये अंडे निषेचित होंगे, केज में नर और मादा साथ रहते हैं। इस बार 32 दिन में अंडे से चूजा निकला है।

