राज्य स्तरीय कृषि समृद्धि मेला 2022 का समापन

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां किसानों से समर्थन मूल्य पर धान, कोदो, कुटकी और रागी की खरीदी की जाएगी । जिन किसानों के पास जमीन है वे कोदो, कुटकी और रागी की खेती शुरू कर दे। छत्तीसगढ़ राज्य में हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। बस आवश्यकता है कि उस क्षेत्र में और कार्य किया जाए । मुख्यमंत्री ने गौठानो के माध्यम से अधिक से अधिक वर्मी कंपोस्ट बनाने पर जोर दिया ताकि किसानों के साथ खेती की जमीन को इसका फायदा मिल सके ।मेले का मुख्य आकर्षण तीनों कृषि पाठशाला रही । तीन दिवसीय कृषि समृद्ध मेले में कृषि पाठशालाओं के माध्यम से प्रगतिशील कृषकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों ने कृषि मेले में भाग ले रहे राज्य भर के विभिन्न जिलों के कृषकों को कृषि की नवीन तकनीकों पर व्याख्यान दिया एवं जीवंत प्रदर्शन द्वारा उन्हें उसे अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया। कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा साइंस कॉलेज मैदान बिलासपुर में 13 से 15 अप्रैल तक आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि समृद्धि मेला 2022 का आयोजन किया गया . इसके समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिरकत की।

इस अवसर पर आनंद मिश्रा, सदस्य प्रबंध मंडल, डॉ. आर.के. बाजपेई, अनुसंधान विस्तार सेवाएं, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, सह संचालक अनुसंधान, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर (छ.ग.), डॉ.आर.के.एस. तिवारी, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय बिलासपुर, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्राध्यापक, विषय वस्तु विशेषज्ञ व कर्मचारी उपस्थित थे।

खेती किसानी है आजीविका के बड़े साधन

डॉ. गिरीश चंदेल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने कहा खेती-किसानी हमारे प्रदेश में आजीविका के सबसे बड़े साधन है। हमने परंपरा और नवीन तकनीको के साझा प्रयासों से कृषि को लाभकारी बनाने का रास्ता अपनाया है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र में निरंतर विकास हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने हेतु कृषकों को नवीन कृषि तकनीकों की व्यवहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी होना आवश्यक है जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो सके। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक नित नए अन्वेषण एवं नवाचार के माध्यम से राज्य में कृषि को समृद्ध बनाने में जुटे हुए हैं ।

मेले में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत राज्य भर में स्थित 27 कृषि विज्ञान केंद्रों, बै.ठा.छे.कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर, राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, बिलासपुर, कृषि महाविद्यालय रायपुर, एसजी कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर, उद्यानिकी महाविद्यालय, जगदलपुर एवं राजनांदगांव; प्लांट मॉलेक्युलर बायोलॉजी एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग, कृषि महाविद्यालय रायपुर ; आरएमडी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, अंबिकापुर एवं आलू एवं फल अनुसंधान केंद्र, मेनपाट, आरकेवी व्हाय रफ्तार एग्रीबिजनेस इनक्यूबेटर, कृषि महाविद्यालय रायपुर ने विश्वविद्यालय द्वारा 3 वर्षों में विकसित नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी विभिन्न स्टालों के माध्यम से राज्यभर के जिलों से मेले में सम्मिलित अन्नदाता कृषकों को उपलब्ध कराया ।